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Sudan News: सूडान में इस वक्त हालाक काफी संजीदा बने हुए है. शहर अल-फशीर के पास बीते कुछ दिनों पहले ऊंटों पर सवार कुछ लोग आए और करीब दो सौ लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इन लोगों ने पहले सभी लोगों को घेर लिया और फिर उन्हें एक तालाब के पास ले गए.
चश्मदीदों के मुताबिक हमलावर इन लोगों को पहले नस्लियां गाली दे रहे थे, और अचानक उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. पीड़ितो में से एक शख्स को किसी हमलावर ने पहचान लिया, जो कि उसके साथ स्कूल में था. जिसकी वजह से उसे जाने दिया. बाकि सब को गोली मार दी गई.
दरअसल, इस्माइल शहर में फंसे लोग अपने रिश्तेदारों के लिए खाना ले जा रहे थे. इस दौरान उन्हें बीच में ही रोक लिया गया. एक शख्स ने बताया कि महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग किया गया और फिर उन्हें ले जाया गया, इसके बाद गोलियों की आवाज़ें सुनाई दीं. पता लगा कि उन सब को गोली मार दी गई.
ह्यूमन राइट्स को पहले ही इस बात का अंदेशा था कि अगर रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) अल फशीर पर कब्जा करती है, तो काफी हद तक मुमकिन है कि जाति के आधार पर हत्याएं की जाएंगी. वही होता अब दिख रहा है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय का कहना है कि सैकड़ों आम लोगों और निहत्थे लड़ाकों की हत्याएं की गई है, जो कि एक वॉर क्राइम है.
हालांकि आरएशएफ ने इन आरोपों से इनकार किया है और उन्होंने कहा कि ये बातें विरोधियों के ज़रिए बनाई गई हैं. हालांकि, कई वीडियोज़ को वेरिफाई किया गया है, जिसमें आरएसएफ की यूनिफॉर्म पहने लोग निहत्थे कैदियों को गोली मारते दिख रहे हैं. कुछ वीडियोज़ में गोलीबारी के बाद लाशों का ढेर नजर आ रहा है.
वहीं, आरएसएफ का कहना है कि ये सब कहानियां सेना हार छिपाने के लिए गढ़ रही है और मीडिया इसे बढ़ाचढ़ाकर दिखा रहा है. कुछ नागरिक और सैनिक अपनी पहचान छिपाकर आम लोगों में छिपने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया. जैसा दावा किया जा रहा है, वैसी कोई हत्या नहीं हुई है.