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Zee SalaamMuslim Worldपुराने ढर्रे पर चला तालिबान; औरतों की आवाज से भी दिक्कत, बेनामाज़ियों के लिए सख्त सज़ा

पुराने ढर्रे पर चला तालिबान; औरतों की आवाज से भी दिक्कत, बेनामाज़ियों के लिए सख्त सज़ा

UN Report on Taliban Government: यूएन ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. दूसरी तरफ वर्ल्ड बैंक ने दावा किया है कि अफगानिस्तान में महिलाओं के काम करने और एजुकेशन पर बैन लगाने से 1.4 बिलियन डालर का नुकसान हो सकता है. 

 

फाइल फोटो
फाइल फोटो

Afghanistan News Today: तालिबान की नैतिकता पुलिस (Morality Police) ने कई पुरुषों और उनके नाइयों को गिरफ्तार किया है. इसकी वजह यह है कि उन्होंने गलत हेयर स्टाइल में बाल काटे और रमजान में नमाज के लिए मस्जिद में गैर हाजिर रहे. लोगों के आचरण को नियंत्रित करने वाला कानून लागू होने के 6 महीने के बाद तालिबान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.

वॉयस एंड वर्च्यू मिनिस्ट्री ने बीते अगस्त में रोजमर्रा की जिंदगी को ध्यान में रखते हुए एक कानून बनाया है, जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने, म्यूजिक, शेविंग और उत्सवों में किस तरह का व्यवहार करें जैसे नियम तय किए हैं. इसके अलावा मिनिस्ट्री ने महिलाओं की आवाज और चेहरे को सार्वजनिक रुप से दिखाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.

इसी महीने यूएन के शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह कानून देश में महिलाओं के बेहतर भविष्य के लिए चिंताजनक है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, तालिबान सरकार के नए कानून महिलाओं और लड़कियों के एजुकेशन, रोजगार और ड्रेस कोड पर लगे प्रतिबंधों को बल प्रदान करते हैं. हालांकि, तालिबान अधिकारियों ने नैतिक कानून (Moral Laws) को लेकर यूएन की चिंता को सिरे से खारिज कर दिया है. 

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इन मामलों में हुई गिरफ्तारियां

संयुक्त राष्ट्र मिशन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 6 महीनों में आधे से ज्यादा गिरफ्तारियां दाढ़ी की लंबाई और हेयरस्टाइल को लेकर हुई हैं. इसी तरह तालिबान सरकार के जरिये निर्धारित कानूनों को मुताबिक, दाढ़ी या हेयरकट ना करने वाले नाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि Moral Police  ने ज्यादातर गिरफ्तारियां कानूनी अधिकारों और उचित प्रक्रिया का पालन किए बगैर मनमाने ढंग से की हैं.

यूएन रिपोर्ट में कहा गया है कि रमजान माह में रोजे के दौरान महिलाओं और पुरुषों की अनिवार्य सामूहिक प्रार्थनों पर कड़ी निगरानी रखी. इस दौरान जिन लोगों ने सामूहिक प्रार्थना में हिस्सा नहीं लिया, उनकी मनमाने ढंग से अवैध गिरफ्तारियां भी की गई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कानूनों की वजह से महिला और पुरुष दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, खासकर करके प्राइवेट एजुकेशन सेंटर में काम करने वाले या फिर नाई, हेयरड्रेसर, टेलर, वेडिंग कैटर्स समेत दूसरे छोटे रोजगार से जुड़े लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. इससे रोजगार के मौके कम हुए हैं या फिर पूरी तरह से खत्म हो गए हैं.
 
इन पर बैन से लाखों डालर का नुकसान

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के कानून लागू होने से अफगानिस्तान की पहले से खराब आर्थिक स्थिति को और बदतर बना सकते हैं. दूसरी तरफ वर्ल्ड बैंक की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं की शिक्षा और उनके काम करने पर प्रतिबंध लगाने से हर साल 1.4 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है.  

तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने ईद-उल-फितर से पहले जारी एक सूचना में कहा कि भ्रष्टाचार और फितनों से मुक्त समाज की स्थापित करना जरुरी है. जिससे आने वाली पीढ़िया गुमराही की तरफ ले जाने वाले कामों, प्रथाओं और बुरी आदतों का शिकार न बनें. इस काम के लिए तालिबान सरकार की तरफ से 33 सौ से अधिक पुरुष निरीक्षकों को नियुक्त किया है, इन निरीक्षकों पर लोगों को कानूनों की जानकारी देना और उनको लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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