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Taliban Warns Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. तुर्की और कतर दोनों देशों के बीच स्थायी शांति के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं. इस बीच अफगान के कार्यवाहक गृहमंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने आज काबुल में एक तीखा भाषण दिया है और पाकिस्तान इस्लामाबाद को चेतावनी दी है कि काबुल किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेगा. इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कभी भी हिंसा भड़क सकती है.
तालिबानी सरकार के गृहमंत्री ने कहा, "अफगानिस्तान के लोगों की आंतरिक समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन वे किसी भी विदेशी आक्रमणकारी के खिलाफ एकजुट हैं. हमारे क्षेत्र की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है." हक्कानी ने इस हफ़्ते की शुरुआत में इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के विफल होने के कुछ दिनों बाद यह बात कही.
यह बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा अफगान तालिबान को कथित तौर पर कड़ी चेतावनी जारी करने के 24 घंटे से भी कम समय बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे अपने ख़तरे और विनाश पर इस्लामाबाद के संकल्प की परीक्षा ले सकते हैं. आसिफ ने कहा था कि तालिबान को पूरी तरह से मिटाने और उन्हें वापस गुफाओं में छुपने के लिए धकेलने के लिए पाकिस्तान को अपने पूरे शस्त्रागार के एक अंश का भी इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं है.
बातचीत और संभावित नए दौर की बातचीत पर टिप्पणी करते हुए, हक्कानी ने कहा, "समझौता और संवाद के द्वार खुले हैं. हम किसी के साथ टकराव नहीं चाहते. हालांकि, जो भी आक्रामकता दिखा रहा है, उसे पता होना चाहिए कि हम दुनिया के बादशाहों के खिलाफ खड़े हैं और हमारे लिए अपनी ज़मीन की रक्षा करना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है."
पाकिस्तान ने क्या कहा
पाकिस्तान ने ज़ोर देकर कहा है कि तहरीक-ए-तालिबान के खिलाफ कार्रवाई करना और समूह के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह लेने से रोकना किसी भी समझौते के लिए महत्वपूर्ण शर्तें हैं. हालांकि, हक्कानी ने गुरुवार को कहा कि यह मुद्दा पाकिस्तान की आंतरिक समस्या है. उन्होंने कहा, "हमने कई बैठकों और विभिन्न माध्यमों से पाकिस्तान के साथ इस मुद्दे को उठाया है और उनसे अपने देश में ही अपनी आंतरिक समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया है."
पाकिस्तान को दी चेतावनी
हक्कानी ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर आप कल इस समस्या को अफगानिस्तान में लाएंगे, तो आप यहां अशांति पैदा करेंगे. इसके बाद और भी शत्रुताएं होंगी. यह गलती आखिरकार आपकी ही होगी और इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.हालांकि हमारे पास लंबी दूरी की मिसाइलें या उन्नत हथियार नहीं हैं, फिर भी हमारा दृढ़ संकल्प और संकल्प अटल है. हम किसी भी परिस्थिति पर विजय प्राप्त कर सकते हैं."