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Iran News Today: इजराइल ने तेहरान पर परमाणु हथियार बनाने के आरोप लगाते हुए जून 2025 में ईरान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हवाई हमला शुरू कर दिया. इस हमले में ईरान के टॉप सैन्य कमंडार और परमाणु साइंटिस्ट मारे गए. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी इजराइल पर मिसाइलों से हमला किया. 12 दिनों तक चली इस जंग में अमेरिका ने खुलकर इजराइल का हर मोर्चे पर साथ दिया.
ईरान में सटीक हमलों में इजराइली की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) की भूमिका काफी अहम मानी जाती है. जंग रुकने के बाद ईरान ने भी इजराइल के जासूसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में दोषी ठहराए गए एक शख्स को फांसी दे दी है.
ईरानी सरकारी न्यायपालिका की न्यूज एजेंसी मिज़ान की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सजा शनिवार (18 अक्टूबर) की सुबह क़ोम शहर में दी गई. सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आरोपी की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी. ईरानी अधिकारियों ने मोसाद के जासूस की पहचान उजागर नहीं की है.
हालांकि, अधिकारियों ने यह जरुर बताया कि यहूदी शासन की खुफिया तौर पर मदद करने, दुनिया में भ्रष्टाचार फैलाने और ईश्वर के खिलाफ जैसे अपराधों का दोषी पाया गया है. यह ईरान के इस्लामिक कानून के तहत मौत की सजा के योग्य अपराध है.
रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी शख्स ने अक्टूबर 2023 में इजरायली खुफिया एजेंसियों के साथ संपर्क शुरू किया था और फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया. उस पर आरोप था कि उसने मोसाद को संवेदनशील जानकारियां सौंपीं और ईरान के भीतर इजरायली एजेंसी के लिए मिशन भी पूरे किए. हालांकि, जासूसी की प्रकृति या गिरफ्तारी की सटीक तारीख को लेकर कोई अलग से जानकारी शेयर नहीं की गई है.
ईरान की कोर्ट ने कहा कि इस तरह की फांसियां राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी हैं, खासकर तब जब तेहरान ने इजरायल पर घुसपैठ और तोड़फोड़ की साजिश रचने का आरोप लगाया है. कोम में दी गई यह फांसी की सजा हाल के महीनों में इजराइली जासूसी से जुड़े मामलों में एक और बड़ी कार्रवाई है. कोम शहर, ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण में एक पवित्र शिया तीर्थ स्थल है.
इससे पहले 4 अक्टूबर को ईरान ने छह लोगों को फांसी दी, जिन्हें खुजेस्तान प्रांत में बम धमाकों और सशस्त्र हमलों के आरोप में दोषी पाया गया था. अधिकारियों ने कहा कि यह समूह यहूदी शासन की खुफिया एजेंसी के साथ जुड़े हुए थे. इससे कुछ दिन पहले 29 सितंबर को ईरान ने एक और आरोपी को फांसी दी थी, जिसका नाम बहमन चूबियासल. उसे इजरायल के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया था और फांसी दी गई. वह संवेदनशील सूचनाएं इकट्ठा कर इजरायली एजेंटों को सौंपने का दोषी था.
बता दें, इस साल जून में '12-दिन की जंग और इजरायली हवाई हमलों के बाद से ईरान अब तक कम से कम नौ लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दे चुका है. इजराइली हमलों में करीब 1,100 ईरानी नागरिक मारे गए थे, जिनमें ईरानी सैन्य कमांडर भी शामिल थे. जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्रों पर मिसाइल हमले किए थे. इस जंग की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव उफान पर पहुंच गया और मिडिल ईस्ट को अशांत कर दिया.