Pakistan News: पाकिस्तान सरकार ने अफगानी शरणार्थियों के घर वापसी को लेकर बड़े पैमाने पर काम करना शुरू कर दिया है. पाक की एक समाचार पत्र के मुताबिक अब तक कुल 4966 अफगान शरणार्थी अफगानिस्तान के लिए रवाना हुए है.
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Pakistan News: पाकिस्तान सरकार ने शरणार्थियों का निर्वासन को लेकर काम शुरू कर दिए है, जिसके नतीजे साफ देखने को मिल रहे हैं. पाक सरकार ने बड़े पैमाने पर अफगान शरणार्थियों को उनके देश वापस भेज दिए है, जिसके वजह से रावलपिंडी शहर और छावनी क्षेत्रों के वाणिज्यिक इलाकों में अफगानियों के बिजनेस बंद होने शुरू हो गए हैं.
पाक की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान ने 31 मार्च की समय-सीमा तय की थी, जिसके खत्म होने के बाद निर्वासन प्रक्रिया तेज कर दी गई है. हजारों अफगान शरणार्थियों को वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया है. सरकार की यह कोशिश पाकिस्तान में कई सालों से रह रहे अफगानियों के लिए बड़ी परेशानी लेकर आई है. इनमें से कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पाकिस्तान में ही जन्मे हैं और कभी अफगानिस्तान को देखा तक नहीं है.
कई अफगानी दुकाने बंद
देश के प्रमुख दैनिक 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक रावलपिंडी में अफगान दुकानदार जल्द से अपना सामान बेच कर जल्द अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं. इनमें से कई दुकानदार गायब हो गए हैं. शहर के कई इलाकों में कई अफगानियों की दुकानें या तो बंद हो गई हैं या बेच दी गई हैं. शहर और छावनी में अफगान के कई मशहूर होटल अब चालू नहीं हैं.
दुकान से गिरफ्तार कर अफगानिस्तान भेज दिया
अफगान मीडिया 'आउटलेट टोलो न्यूज' ने निर्वासित गुल मोहम्मद के हवाले से बताया, "मैं फल बाजार में एक छोटा सा होटल चलाता था. पुलिस ने मुझ पर छापा मारा, मुझे खैबर पख्तूनख्वा के हाजी कैंप में चार रातों तक हिरासत में रखा और अब मुझे तोरखम के रास्ते निर्वासित कर दिया है." कुछ निर्वासित लोगों ने कहा कि उन्हें काम करते समय पाकिस्तानी पुलिस ने गिरफ्तार किया और अफगानिस्तान भेज दिया, जबकि उनका परिवार अभी भी पाकिस्तान में ही है.
4,966 अफगान शरणार्थी
पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र 'दैनिक डॉन' ने एक ऑफिशयल रिपोर्ट के हवाले से बताया कि इतवार की रात को कुल 4,966 अफगान शरणार्थी अफगानिस्तान के लिए रवाना हुए है. इस बीच, प्रत्यावर्तन प्रक्रिया से जुड़े अफसरो ने कहा, "चूंकि निर्वासन देर रात तक जारी रही, इसलिए सोमवार को रवाना हुए अफगान शरणार्थियों की संख्या का खुलासा बाद में किया जाएगा.
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ने जताई चिंता
पाकिस्तान की इस निर्वासन नीति की कई इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ने निंदा की है. साथ ही अचानक से अफगानिस्तान में लौटने पर उनके सामने आने वाले गंभीर जोखिमों पर चिंता जताई की है. वही पाकिस्तानी सरकार ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) और अन्य एजेंसियों की ओर से उठाई गई चिंताओं को खारिज कर दिया है.