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Pakistan TLP Protest: पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के अंदर गृह युद्ध जैसी हालात उत्पन्न हो गई है. तहरीक-ए-लब्बैक-पाकिस्तान (TLP) नाम की एक एक राजनीतिक पार्टी ने फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन निकाला, जिस पर पाकिस्तान पुलिस और रेंजर्स ने गोलियां चालाई और दर्जनों लोगों को मौत के घाट उतार दिया. यहां से TLP और पाकिस्तान पुलिस के बीच हिंसा शुरू हो गई. TLP के चीफ साद रिजवी को प्रदर्शन के दौरान गोली लगने के बाद तनाव और बढ़ गया है. इसी कड़ी में TLP ने शुक्रवार (17 अक्टूबर) को इन कार्रवाइयों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
इस ऐलान के बाद एक बार फिर हिंसा भड़कने की संभावना है. वहीं, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में धारा 144 लागू कर दिया गया है. पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पूरे प्रांत में सड़कों पर 30,000 जवानों तैनात कर दिया गया है. पंजाब के गृह मंत्रालय ने TLP के ऐलान के बाद एक नोटिस जारी करके प्रांत में शुक्रवार को सभी प्रकार के रैली, विरोध प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है. साथ ही पुलिस को प्रदर्शनकारियों से सख्ती के साथ निपटने को कहा गया है.
दरअसल, बलूचिस्तान प्रांत के TLP के प्रेसिडेंट वजीर अहमद रिजवी एक बयान जारी करके ऐलान किया कि TLP के सभी प्रदर्शनकारी 17 अक्टूबर को लाहौर के दाता दरबार में इकट्ठा हों. इस अपील के बाद संभावना है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पुलिस और TLP के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें हो सकती हैं.
वहीं, पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों को TLP के लीडरशिप को गिरफ्तार करने के निर्देश मिले हैं. पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन के मुताबिक पंजाब पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि उन्हें गुरुवार को TLP के सीनियर लीडरशिप के नामों वाली एक लिस्ट सौंपी गई है और गुरुवार की रात बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी अभियान चलाकर इन नेताओं को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, मुरिदके में हुई हिंसा के बाद TLP के ज्यादातर वरिष्ठ नेता अंडर ग्राउंड हो गए हैं.