UAE Fake Educational Degree: यूएई में हालिया कुछ सालों में रहने और नौकरी की राह देखने वालों की संख्या बढ़ी है. यहां नौकरी करने के लिए युवा अक्सर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सहारा लेते हैं. इस पर अंकुश लगाने के लिए यूएई सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं.
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UAE News Today: हर साल बड़ी संख्या में भारतीय नौजवान सुनहरे भविष्य का सपना संजोए रोजगार की तलाश में यूनाइटेड अरब अमीरात की रुख करते हैं. कंपनियों में अच्छी पोजीशन और हाई सैलरी पैकेज की चाह में वह बड़ी गड़बड़ी कर जाते हैं. नौकरी पाने की लालसा में वह गाहे बगाहे फर्जी फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र (डिग्री) जमा कर देते हैं. हालांकि अब दुबई में ऐसा करना आपको भारी पड़ जाता है.
फर्जी फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाले लोगों को यूएई के संघीय दंड कानून (Federal Law by Decree No. 31 of 2021) के तहत यह एक दंडनीय अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में दोषी को 10 साल तक की जेल और जुर्माना भरना पड़ सकता है साथ ही तुरंत नौकरी से बर्खास्तगी जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
यूएई दंड संहिता की धारा 251 के मुताबिक, फर्जी दस्तावेज का मतलब है दस्तावेज़ की प्रमाणिकता में जानबूझकर बदलाव करना. जैसे किसी दस्तावेज में टेक्स्ट, नंबर, हस्ताक्षर, फोटो या मुहर जोड़ना, हटाना या बदलना, किसी और की पहचान अपनाकर दस्तावेज बनाना या हस्ताक्षर कराना. इन सबको जालसाजी (Forgery) माना जाता है.
यूएई कानून के तहत धारा 252 कहती है कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी दस्तावेज में जालसाजी करता है तो उसे 10 साल तक की कैद हो सकती है. वहीं, गैर-सरकारी दस्तावेज की जालसाजी पर भी नजरबंदी (Incarceration) की सजा दी जा सकती है. इसके अलावा धारा 253 में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी दस्तावेज की जाली कॉपी बनाकर उसका इस्तेमाल करता है या जानबूझकर फर्जी कॉपी का इस्तेमाल करता है, तो उसे 5 साल तक की सजा दी जा सकती है.
यूनाइटेड अरब अमीरात की धारा 258 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करता है, तो उसे भी उतनी ही सजा दी जाएगी जितनी जालसाजी करने वाले को मिलती है. इसी तरह अगर कोई व्यक्ति किसी असली दस्तावेज को किसी और के नाम से इस्तेमाल करता है, तो वह भी अपराध की कैटेगरी में आता है.
यूएई का श्रम कानून (Federal Decree Law No. 33 of 2021) कहता है कि अगर कोई कर्मचारी फर्जी डिग्री या दस्तावेज जमा करता है, तो उसे बिना किसी नोटिस के नौकरी से निकाला जा सकता है. इसी तरह धारा 44 (1) में कहा गया है कि "अगर यह सिद्ध हो जाता है कि कर्मचारी ने किसी और की पहचान अपनाई या फर्जी प्रमाणपत्र या दस्तावेज जमा किए, तो उसे बिना नोटिस के नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है.
ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई के लिए यूएई में किसी कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है, ताकि सभी कदम स्थानीय कानूनों के मुताबिक हों. अच्छी सैलरी पैकेज की चाह में फर्जीवाड़ा करने वाले और या फर्जी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर डिग्री हासिल करने वालों को धोखधड़ी करने से बचना चाहिए, जिससे उनके प्रोफेशन लाइफ पर ज्यादा असर न पड़े.