)
UAE News Today: इजराइली नाकाबंदी की वजह से ग़ज़ा में खाने पीने की भारी किल्लत हो गई है, जबकि मानवीय सहायता के लिए राहत केंद्रों का रूख कर रहे बेगुनाह और निहत्थे फिलिस्तीनी नागरिकों पर यहूदी सेना गोलियां बरसा रही है. आलम यह है कि भूख और कुपोषण से ग़ज़ा में अब तक लगभग 350 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल हैं.
ग़ज़ा की भयावह हालात को देखते हुए पूरी दुनिया से मदद के लिए हाथ आगे बढ़ रहे हैं. इसी कड़ी में अबू धाबी से खाने पैकेट, दवाई और टेंट समेत दूसरी जरुरी चीजों को लेकर एक और जहाज ग़ज़ा के लिए रवाना हुआ है. यह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की इंसानियत के लिए चल रही मुहिम का हिस्सा है, जिसे 'ऑपरेशन चिवैलरस नाइट 3' के नाम से जाना जाता है.
शनिवार (30 अगस्त) को अबू धाबी के खलीफा पोर्ट से नौवां हमदान ह्यूमैनिटेरियन जहाज़ ग़ज़ा की ओर मदद लेकर रवाना हुआ. अमीरात रेड क्रिसेंट की मदद से भेजे गए इस जहाज का सफर मिस्र के अल-आरिश पोर्ट तक होगा, जहां से राहत सामग्री ग़ज़ा पट्टी पहुंचाई जाएगी. जहाज. पर कुल 7,000 टन इंसानी मदद मौजूद है.
अबू धाबी से भेजे गए इस मदद में 5000 टन फूड पैकेट, 1900 टन सामुदायिक किचन के लिए खाद्य सामग्री, 100 टन मेडिकल टेंट स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए और पांच अत्याधुनिक एंबुलेंस शामिल हैं. यह मानवीय पहल न सिर्फ ग़ज़ा के लोगों की जरूरतें पूरी करेगी बल्कि UAE की इंसानियत और मदद के जज्बे का भी संदेश दुनिया तक पहुंचाएगी.
इस पहल का मकसद ग़ज़ा के लोगों की तकलीफें कम करना और उन्हें जरूरी मदद पहुंचाना है. UAE ने पहले भी इसी ऑपरेशन के तहत कई बार राहत सामग्री भेजी है और उसका कहना है कि यह मिशन आगे भी जारी रहेगा.
बता दें, ग़ज़ा पट्टी में भूख और कुपोषण से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. लंबे समय से जारी जंग और इज़राइली घेराबंदी की वजह से यहां मानवीय संकट गहरा गया है. ग़ज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक यह संकट पूरी तरह से मानव-निर्मित है, नेतन्याहू सरकार के जरिये लगाई गई मदद पर प्रतिबंधों ने और गंभीर बना दिया है.
ताजा आंकड़ों (30 अगस्त 2025 तक) के मुताबिक, अब तक भूख और कुपोषण से 332 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 124 बच्चे भी शामिल हैं. सिर्फ पिछले 24 घंटों में ही 10 लोगों की जान गई, जिनमें 3 बच्चे थे. 22 अगस्त 2025 को Integrated Food Security Phase Classification ने ग़ज़ा में औपचारिक तौर पर अकाल की घोषणा की थी इसके बाद से अब तक 54 मौतें हो चुकी हैं. जिनमें 9 बच्चे शामिल हैं.