UNHCR on Afghanistan Refugees in Pakistan: हालिया कुछ सालों में पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान पाकिस्तान में तनाव बढ़ा है. इसकी वजह से अफगान शरणार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. पाकिस्तान में बीते कुछ माह में बड़ी संख्या में शरणार्थियों को गिरफ्तार किया गया. इसको लेकर UNHCR ने रिपोर्ट जारी किया है. जिसमें शरणार्थियों के कई पक्षों के उजागर किया है.
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Pakistan Afghanistan Tension: तालिबान की सरकार के गठन के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया दिनों में तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने 2025 में अब तक रिकॉर्ड संख्या में अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया है.
अफगानी न्यूज एजेंसी के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां बलूचिस्तान के चगाई और क्वेटा जिलों में, जबकि पंजाब के अटक जिले में भी बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थियों को पकड़ा गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 जनवरी से नवंबर 2025 के बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने 1,00,971 अफगानों को गिरफ्तार किया. इसके मुकाबले 2024 में लगभग 9,000 और 2023 में 26,000 गिरफ्तारियां हुई थीं. इस तरह 2025 का आंकड़ा अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है.
UNHCR के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 76 फीसदी लोग अफगान नागरिक कार्ड धारक या बिना दस्तावेज वाले प्रवासी थे. वहीं, बाकी 24 फीसदी शरणार्थियों के पास पंजीकरण प्रमाण पत्र (पीओआर-कार्ड) मौजूद थे. दोनों देशों के बीच सीमा विवाद बढ़ने के बाद गिरफ्तारियों में तेजी से इजाफा दर्ज किया गया. रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान सरकार ने 2025 में दो अहम आदेश जारी किए. एक आदेश में इस्लामाबाद और रावलपिंडी से अफगान प्रवासियों को हटाने और दूसरे में पुलिस को पीओआर-कार्ड धारकों को भी गिरफ्तार करने की इजाजत दी गई थी.
UNHCR ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के लिए नकद सहायता में कमी आई है, क्योंकि फंडिंग लगातार घट रही है. सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इस कमी से उन हजारों अफगान परिवारों की परेशानी बढ़ गई है, जो खाने, किराए और सर्दियों की जरूरतों के लिए सहायता पर निर्भर हैं. कई मानवीय संगठनों ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह अफगान नागरिकों की वापसी को स्वैच्छिक और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप बनाए. उन्होंने कहा है कि बड़े पैमाने पर निष्कासन से अफगानिस्तान सीमा पर अस्थिरता बढ़ रही है.
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