)
Fatehpur Tomb Controversy: उत्तर प्रदेश में हिंदूवादी संगठन लगातार सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. इसकी वजह से अक्सर शासन प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्या पैदा हो जाती है. इसी तरह का नजारा प्रदेश फतेहपुर जिले में देखने को मिला, जब सदर कोतवाली क्षेत्र के अबू नगर में स्थित ऐतहासिक नवाब अब्दुल समद के मकबरे पर हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा किया.
दरअसल, देव दीवाली के मौके पर अबू नगर स्थित ऐतहासिक नवाब अब्दुल समद के मकबरे पर हिंदूवादी संगठन से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं ने पूजा करने पहुंच गई. इसकी खबर में मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने आनन फानन में मौके पर पहुंच कर दक्षिणपंथी संगठन की औरतों को रोकने की कोशिश की तो वह भड़क गईं. इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोंक झोक भी हुई.
मिली जानकारी के मुताबिक, हिंदूवादी संगठन की महिला कार्यकर्ताओं ने मकबरे को मंदिर बताते हुए पूजा-अर्चना करने के लिए मौके पर पहुंच गईं. औरतों के जरिये विवादित नारा लगाने और इस तरह की हरकत से तनाव फैल गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. यह देखकर औरतें भड़क गई और वहीं आरती शुरू कर दी. स्थिति बिगड़ता देख जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए नारेबाजी करने लगीं.
इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने बताया कि ऐतिहासिक मकबरे पर औरतों ने जबरन अवैध तरीके से पूजा करने की कोशिश की, जिससे शांति व्यवस्था भंग हो हुई. पुलिस के मुताबिक, इन औरतों को जब ऐसा करने से रोका गया तो उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की. इस मामले में 20 औरतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
हैरान करने वाली बात यह है कि अबू नगर स्थिति ऐतहासिक नवाब अब्दुल समद के मकबरे पर हिंदू संगठनों ने पूजा-अर्चना करने को अपना 'मौलिक अधिकार' बताया और पुलिस कार्रवाई के विरोध किया. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 'कोर्ट के आदेश का सम्मान किया जाना चाहिए.' फिलहाल पुलिस ने विवादित स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
बता दें, इससे पहले फतेहपुर की नवाब अब्दुल समद मकबरे पर हिंदूवादी संगठनों (जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू महासभा और मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति) के जरिये बीते 11 अगस्त 2025 को हमला कर दिया गया थाय इस घटना के दौरान लाइव कैमरे पर लगभग 1,000-2,000 लोगों की भीड़ ने मकबरे पर धावा बोल दिया, तोड़फोड़ की, भगवा झंडे फहराए और पूजा-अर्चना करने की कोशिश की. हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि यह प्राचीन 'ठाकुर जी' या शिव मंदिर है.