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US Airstrikes on Iran: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध छिड़ गया है. अमेरिका ने ईरान पर एक और हमला किया है. इस हमले से युद्धविराम की कोशिशें रुक गई हैं और अमेरिका ने ईरान पर वे प्रतिबंध फिर से लगा दिए हैं जिन्हें पहले हटा लिया गया था. ईरानी तेल की अंतरराष्ट्रीय बिक्री के लिए दी गई जरूरी छूट भी वापस ले ली गई है. अमेरिका ने होर्मुज के पास हुए हमले के बाद यह कदम उठाया. साथ ही, अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास समेत कई जगहों पर सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. खबरों के मुताबिक, इस हमले से भारी नुकसान हुआ है.
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर युद्धविराम का उल्लंघन करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है. वहीं, ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए US की इस कार्रवाई को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया है. अमेरिकी मिलिट्री कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्रों, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाया. वहीं, ईरानी मीडिया ने सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास में कई धमाकों की पुष्टि की है.
हमले के बाद अमेरिका ने छूट रद्द की
इस हमले के बाद अमेरिका ने जून में दी गई उस छूट को रद्द कर दिया है, जिसके तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद बेचने की इजाजत थी. अब ईरान को 17 जुलाई तक ऐसे सभी लेन-देन बंद करने होंगे. इस फैसले के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेज़ी देखी गई है. आंकड़ों से पता चलता है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं. बुधवार को कीमत में लगभग 3 फीसद की बढ़ोतरी हुई और यह 76.09 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. ट्रेडिंग सेशन के दौरान यह 76.25 डॉलर के स्तर को भी पार कर गई थी.
तेल की कीमत में उछाल
गौरतलब है कि 6 जुलाई को ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बंद हुआ था. इस बीच, अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी का रुझान देखा गया है. WTI की कीमतें 72.50 डॉलर के स्तर को पार कर गई हैं, और 6 जुलाई से अब तक इसमें लगभग 4 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. फिलहाल, कीमत 72.37 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है, जो लगभग 3 फीसद की बढ़ोतरी को दर्शाता है.