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US News Today: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़बोलापन और मुसलमानों के खिलाफ नफरत किसी से छुपी नहीं है. वह आए दिन मुसलमानों और मुस्लिम देशों के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं. बीते दिनों डोनाल्ड ट्रंप ने लंदन के सादिक खान को लेकर विवादित बतान दिया था. ट्रंप के इस बयान की पूरी दुनिया के लोगों ने आलोचना की थी.
वहीं, अब एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक मुस्लिम सांसद को लेकर विवादित बयान दिया है. इस बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने मशहूर डेमोक्रेटिक सांसद और सोशल वर्कर इल्हान उमर पर हमला बोला. ट्रंप ने इल्हान उमर पर महाभियोग चलाकर उन्हें कांग्रेस से बाहर करने की मांग की है.
एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मेरे ख्याल में उन पर (इल्हान उमर) पर महाभियोग चलाया जाना चाहिए, वह बहुत खराब हैं." ट्रंप ने आगे कहा, "अगर उनकी निंदा की जाती है तो यह अच्छा है, लेकिन अगर महाभियोग चलाया जाता है तो यह और भी बेहतर होगा."
ट्रंप ने आगे कहा कि, "उन्होंने (डेमोक्रेट्स ने) बिना किसी वजह मेरे खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया था. इसलिए अब उनका महाभियोग होना चाहिए और यह जल्दी होना चाहिए." ट्रंप ने इल्हान उमर की सोमाली मूल की पहचान को भी निशाने पर लिया. ट्रंप ने कहा कि, "यह लोग ऐसे देशों से आते हैं जहां कुछ भी नहीं होता और यहां आकर हमें चलाना सिखाते हैं." उन्होंने सोशल मीडिया पर सोमालिया को 'भ्रष्ट और बदहाल देश' भी बताया.
गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने इल्हान उमर के खिलाफ पेश प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. अमेरिका की दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित मीडिया इल्हान उमर के खिलाफ आरोपों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करता है. इल्हान ने इस तरह के आरोपों का हमेशा से खुलकर खंडन किया है. ट्रंप प्रशासन की सत्ता में वापसी के बाद उनके खिलाफ कई जांच शुरू करने की संभावना है.
इल्हान उमर पर विवादित बयान देने से पहले डोनाल्ड ट्रंप लंदन के मेयर सादिक खान को लेकर भी बयान दे चुके हैं. हालिया दिनों उन्होंने लंदन दौरे को लेकर मीडिया से कहा था कि उन्होंने ब्रिटेन के अधिकारियों से किंग के साथ मीटिंग में सादिक खान को बुलाने से रोका था. यही नहीं साल 2015-16 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मुसलमानों को आपत्तिजनक बयान दिया था.
ट्रंप ने कहा दिसंबर 2015 में अपने एक बयान में कहा कि "मुस्लिमों के अमेरिका में एंट्री में पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए. इससे पहले 2011 में एक बयान में ट्रंप ने कहा था कि इस्लाम हमसे नफरत करता है. उन्होंने इस्लाम की तुलना 'घातक कैंसर' बताया. इतना ही नहीं ट्रंप ने मुसलमानों पर 9/11 हमलों को लेकर जश्न मनाने का झूठा आरोप लगाया. ट्रंप ने नवंबर 2015 में मुसलमानों का डेटाबेस तैयार कर उनकी निगरानी करनी चाहिए. उन्होंने मुसलमानों को 'समस्या' बताया.