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Thailand Heavy Rain and Flash Flood News: इस्लाम हमेशा से इंसानों और जानवरों पर रहम, प्यार और हुस्न सलूक की तालीम देता है. इसी संदेश की एक अनोखी मिसाल थाईलैंड से सामने आई है, जहां दो हिजाबी बहनों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने पालतू शेर को भारी बाढ़ के बीच रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया. मुस्लिम लड़कियों के इस बहादुरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड के सैटरन में हुई मूसलाधार बारिश और भयानक जलभराव की वजह से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया. इसमें लोगों की मौत हो गई. इस मुसीबत में सैटरन की रहने वाली दो हिजाबी बहनों ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी पूरी दुनिया में सराहना हो रही है. सोशल मीडिया वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की इस पर मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है. यूजर्स दोनों लड़कियों के बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भारी बारिश के बाद इलाके में चारों तरफ पानी भरा हुआ है और लोग डरे हुए हैं. प्राकृति के रौद्र रुप के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की तरफ भाग रहे हैं. ऐसे मौके पर भी ये दोनो बहनें पूरी शांति और हिम्मत के साथ अपने पालतू जानवर शेर को बचाने में जुटी हैं.सड़कों पर पानी भरने और भारी बारिश के बीच वह अपने पालतू शेर को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाती है. उनके इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हो रही है.
थाईलैंड में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड से मचा हाहाकार
बता दें, थाईलैंड के दक्षिणी हिस्सों में नवंबर 2025 में आए 'साइक्लोन सेनयार' और उसके बाद हुई भारी बारिश ने भयानक फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई. इस प्राकृतिक आपदा ने देश के 12 प्रांतों को प्रभावित किया है. सबसे ज्यादा नुकसान सोंगखला, पट्टानी और याला में देखने को मिला है. अब तक लगभग 3.6 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों घर तबाह हो गए हैं.
थाईलैंड सरकार के जरिये जारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे थाईलैंड में अब तक 176 लोगों की मौत हो चुकी है. इस भयावह आपदा में सैकड़ों लोग घायल हैं और 50 से 100 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. सबसे ज्यादा 145 मौतें सोंगखला प्रांत में हुई हैं, जहां बाढ़ का पानी लगभग 3 मीटर तक पहुंच गया था. 24 नवंबर तक थाईलैंड मे इस आपदा ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया था. उस दिन तक लगभग 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई और 5 लोगों के लापता होने की जानकारी मिली.
इसके कुछ ही दिनों बाद 29 नवंबर को हालात और भयावह हो गए. मौतों की संख्या 162 तक पहुंच गई. हालात इतने बेकाबू हो गए कि हाट याई शहर के मॉर्चरी तक में जगह खत्म होने लगी. 30 नवंबर को प्राकृति रौद्र रुप देखकर लोग सिहर उठे. फिलहाल कुल मौतों का आंकड़ा 176 तक पहुंच गया, जबकि लगभग 1.4 मिलियन घर नष्ट हो गए.
3.11 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान
थाईलैंड सरकार ने इस भयानक आपदा के बाद 100 बिलियन बाह्ट (लगभग 3.11 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के आर्थिक नुकसान अनुमानित किया है, जिससे तबाही के पैमाने का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है. आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए रॉयल नेवी ने 14 जहाज तैनात किए, जिनमें देश का एयरक्राफ्ट कैरियर HTMS चक्रि नरुएबेट भी शामिल है. थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चारनवीराकुल ने फ्लड मैनेजमेंट में कई खामियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है. लापरवाही और कुप्रबंधन के आरोप सामने आने के बाद दो अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है.