American Muslim Hate Crime Case: वर्जीनिया की दार अल नूर मस्जिद में मुस्लिम औरतों पर हुए हमले ने अमेरिका में मुस्लिम सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद हेट क्राइम की धाराएं न लगाने पर मुस्लिम संगठनों ने हैरानी जताई है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
Trending Photos
)
Virginia Mosque Attack: अमेरिका का शुमार दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों में होता है. अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा दुनिया में अमन शांत कायम करने का दावा करते रहे हैं, लेकिन इसकी आड़ में वह कई मुस्लिम मुल्कों में हमले कर चुके हैं. हालांकि, अमेरिका अपने ही देश में रह रहे मुसलमानों को सुरक्षा देने में नाकाम रहा है. दक्षिणपंथी यहूदी और ईसाई ग्रुप्स लगातार मुसलमानों को निशाना बनाते रहे हैं. मुसलमानों से नफरत की यह आग अब वर्जीनिया में भी देखने को मिली.
दरअसल, वर्जीनिया स्टेट के फेयरफैक्स काउंटी में मौजूद एक मुस्लिम कम्यूनिटी सेंटर एक शख्स ने औरतों पर जानलेवा हमला कर दिया. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती जा रही है. इस घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. स्थानीय लोग और मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि मुस्लिम कम्यूनिटी सेंटर पर हमला करने वाले आरोपी शख्स के खिलाफ हेट क्राइम (नफरत से जुड़ा अपराध) के तहत मामला दर्ज किया जाए.
बताया जा रहा है कि हमला पहले भी इस मस्जिद में इबादत के लिए आने जाने वाले लोगों पर हमले कर चुका है. अब हालिया घटना बीते माह 28 नवंबर की बताई जा रही है, जब फेयरफैक्स काउंटी की दार अल नूर कम्युनिटी सेंटर में नमाज अदा करने के बाद बाहर निकल रही मुस्लिम औरतों के एक ग्रुप पर आरोपी ने हमला कर दिया. मस्जिद की ओर से जारी किए गए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि आरोपी मुस्लिम औरतों को अपशब्द कहते हुए किसी हथियार से हमला कर रहा है.
आरोपी को देखकर पीड़ित औरतें डर के मारे वापस मस्जिद के अंदर चली गई. मुस्लिम औरतों ने आरोपी को पीछ न हटने पर पुलिस को बुलाने की चेतावनी दी. इसके बाद आरोपी मस्जिद के बाहर लगे कैमरे की ओर हाथ मारते हुए और गालियां देते हुए नजर आता है. वीडियो में वह चिल्लाते हुए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्हें मुसलमानों को यहां से निकल जाने की धमकी देता है.
पुलिस ने इस घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान डॉक्टर टोनी शियाओ के रूप में की है. पुलिस ने उस पर हमला करने, वैध रूप से परिसर में घुसने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, शियाओ को इससे पहले भी इसी तरह के आरोपों में पिछले साल गिरफ्तार किया जा चुका है.
हालांकि, अब तक आरोपी पर हेट क्राइम के तहत आरोप नहीं लगाए गए हैं. इस बात को लेकर मुस्लिम संगठनों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है. काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (CAIR) ने शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से मांग की कि राज्य और संघीय अधिकारी आरोपी पर हेट क्राइम का मुकदमा दर्ज करें.
CAIR के वकील अहमद काकी ने एक बयान में कहा कि संघीय अधिकारियों को आरोपी को पूरी तरह जवाबदेह ठहराना चाहिए और हेट क्राइम के तहत आरोप तय करने चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी शख्स को एक ही इबादतगाह पर बार-बार हमला करने की छूट नहीं दी जा सकती. उनका कहना था कि यह साफ संदेश जाना चाहिए कि फेयरफैक्स काउंटी और पूरे देश में सभी मजहब के लोग सुरक्षित हैं.
इस घटना के बाद फेयरफैक्स काउंटी स्थित दार अल नूर कम्युनिटी मस्जिद ने बयान जारी किया है. मस्जिद प्रशासन का कहना है कि यह दूसरी बार है जब इसी शख्स ने दार अल नूर मस्जिद को निशाना बनाया है. इस घटना के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है.