Waqf Act: वक्फ एक्ट को लेकर जम्मू-कश्मीर असेंबली में पिछले दो दिनों से हंगामा हो रहा है. बिल पास हो चुका है, तो एमएलए क्यों हंगामा कर रहे हैं? आइये जानते हैं पूरी डिटेल
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Waqf Act: वक्फ बिल पास होने के बाद भी जम्मू-कश्मीर असेंबली में पिछले दो दिनों से भारी हंगामा देखने को मिल रहा है. दरअसल जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों के जरिए वक्फ अधिनियम पर चर्चा की मांग की जा रही है. जिसकी वजह से आज भी भारी हंगामा देखने को मिला और कार्यवाही तीन घंटे के लिए स्थगित कर दी गई.
रिवाइज कलेंडर के मुताबिक बुधवार यानी आज बजट सेशन का आखिरी दिन है, जिसकी शुरुआत 3 मार्च को हुई थी. विधानसभा में पिछले दो दिनों से वक्फ मुद्दे पर लगातार पूरे दिन की कार्यवाही स्थगित की गई है. इस दौरान नेताओं में भारी बहस देखने को भी मिली है.
सोमवार को 12 दिनों के अवकाश के बाद सदन की बैठक शुरू हुई थी. इस दौरान अध्यक्ष अब्दुल रहीम लाठर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और उनके गठबंधन सहयोगियों के जरिए लाए गए स्थगन प्रस्ताव को न्यायालय में विचाराधीन नियम का हवाला देते हुए नामंजूर कर दिया था.
बुधवार सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नेशनल कॉन्फ्रेंस के मेंबर्स एक बार फिर वक्फ मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन की मांग उठाने लग गए, जबकि भाजपा के बलवंत सिंह मनकोटिया ने बेरोजगारी की दिक्कत पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया.
हालांकि, स्पीकर ने यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि यह कोई हाल की घटना नहीं है और उन्होंने भाजपा सदस्य सुनील भारद्वाज को अपना सवाल पूछने के लिए कहकर कार्यवाही शुरू करने की कोशिश की, जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से वक्फ और बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा के समर्थन में नारेबाजी होती रही.
एनसी विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी ने स्पीकर से गुजारिश की कि वे अपने खास अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आधे घंटे की चर्चा की इजाजत दें ताकि सदन सुचारू रूप से चल सके. उन्होंने कहा, "यह (वक्फ संशोधन अधिनियम) मुसलमानों के साथ अन्याय है और हिंदू-मुस्लिम मामलों पर अपनी राजनीति करने वाली भाजपा बेरोजगारी का मुद्दा उठाकर सदन में नाटक कर रही है. गुरेजी ने कहा कि वह 10 सालों में ताकत में हैं और उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने कितने लोगों रो रोजगार दिया है.