Afghanistan Earthquake News: अफगानिस्तान में एक हफ्ते में चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इससे पहले 16 मई को भी अफगानिस्तान में भूकंप आया था. हालांकि, इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप क्यों आ रहे हैं.
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Afghanistan Earthquake News: पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कई भूकंप आए हैं. इन भूकंपों की वजह से दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इस बीच खबर आई है कि एक बार फिर आज सुबह अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया है. पिछले चार दिनों में मुल्क में यह लगातार चौथा भूकंप है. नेशनल सेंटर ऑफ़ सीस्मोलॉजी ने यह जानकारी दी है.
एनसीएस ने एक्स पर एक पोस्ट में भूकंप से संबंधित जानकारी साझा करते हुए कहा कि भूकंप 08:54 बजे (भारतीय मानक समय) 140 किलोमीटर की गहराई पर आया. इससे पहले रविवार को अफ़गानिस्तान में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था. एनसीएस के अनुसार, भूकंप 150 किलोमीटर की गहराई पर आया था. इससे पहले 17 मई को इस क्षेत्र में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था. 16 मई को, इस क्षेत्र में 4.0 तीव्रता का एक और भूकंप आया. ऐसे में आज हम जानते हैं कि अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप क्यों आ रहे हैं. आइए जानते हैं.
बार-बार क्यों आता है भूकंप
पाकिस्तान का पड़ोसी देश अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से एक संवेदनशीन इलाका है. यह मुल्क भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच मौजूद है. जब ये दोनों प्लेट आपस में टकराते हैं तो भूकंप आता है. खासकर अफगानिस्तान के हिंदू कुश पर्वत क्षेत्र को भूगर्भीय रूप से सबसे ज्यादा सक्रिय माना जाता है. यहां हर साल छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं.
इस वजह से आ सकता है भूकंप
रेड क्रॉस के मुताबिक अफगानिस्तान का इतिहास भी शक्तिशाली भूकंपों से जुड़ा रहा है. मुल्क में कई फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं, जिनमें एक हेरात शहर के पास से होकर गुजरती है. जब धरती के नीचे प्लेटें हिलती या टकराती हैं, तो धरती की सतह हिलने लगती है, जिससे भूकंप आता है. इसलिए यह इलाका हमेशा भूकंपीय खतरे की जद में रहता है.
न्यूक्लियर टेस्ट से भी आ सकता है भूकंप
न्यूक्लियर टेस्ट से भी भूकंप के जैसे झटके महसूस होते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, जब जमीन के अंदर बड़े पैमाने पर न्यूक्लियर विस्फोट किया जाता है, तो धरती की प्लेटें हिलती हैं. इससे आस-पास के इलाकों में हल्के या मध्यम भूकंप जैसे झटके आते हैं. हालांकि, ये प्राकृतिक भूकंप नहीं होते, बल्कि इंसानों द्वारा किए गए परीक्षणों का असर होते हैं. कई बार इन झटकों की तीव्रता इतनी ज्यादा होती है कि सीस्मोग्राफ मशीनें इन्हें भूकंप के रूप में रिकॉर्ड कर लेती हैं.
क्या ईरान कर रहा है न्यूक्लियर टेस्ट
वहीं, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बार-बार भूकंप आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गया है. सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ईरान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है इस वजह से अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं. लोगों का दावा है कि ईरान गुप्त तरीके से न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है लेकिन अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों और वैज्ञानिकों ने इन दावों को खारिज कर दिया है.