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Gaza News: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने बुधवार को कहा कि उसके कर्मचारी गाज़ा सिटी में ही रहेंगे, भले ही इज़रायल की सेना वहां हमले के बीच नागरिकों से शहर छोड़ने की अपील कर रही है. WHO ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस बारे में जानकारी दी है और कहा है कि वह गाजा में मौजूद रहने वाले हैं.
इज़रायली सेना गाज़ा सिटी जो कि घिरे हुए गाज़ा पट्टी का मुख्य शहरी इलाका है, पर हमले तेज़ कर रही है और उसका टारगेट शहर पर कब्ज़ा करना है. इसी हफ्ते सेना ने नागरिकों को शहर खाली करने की चेतावनी दी थी. युनाइडेट नेशन्स का अनुमान है कि गाज़ा सिटी और आसपास लगभग 10 लाख फ़िलिस्तीनी रहते हैं.
WHO के प्रमुख टेड्रोस अदनोम गेब्रेयसस ने कहा कि WHO को ताज़ा निकासी आदेश से झटका लगा है. उन्होंने बताया कि इज़रायल का यह कहना कि 10 लाख लोग गाज़ा पट्टी के दक्षिणी हिस्से में बने तथाकथित मानवीय क्षेत्र में चले जाएं, जो कि मुमकिन नहीं है. क्योंकि उस इलाके में पहले से मौजूद लोगों के लिए भी पर्याप्त जगह और सुविधाएं नहीं हैं, नए लोगों को वहां बसाना मुमकिन नहीं है.
टेड्रोस ने यह भी बताया कि गाज़ा पट्टी में जितने अस्पताल काम कर रहे हैं, उनमें से आधे गाज़ा सिटी में हैं. पहले से बुरी तरह प्रभावित हेल्थ सिस्टम अब और अस्पताल खोने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कदम उठाने की अपील की है. गाज़ा में यह त्रासदी मानव-निर्मित है और इसकी ज़िम्मेदारी हम सभी की है.
ग़ौरतलब है कि इज़रायल ने अक्टूबर 2023 में गाज़ा पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जब हमास के हमले में 1,219 लोग, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, मारे गए थे। इज़रायल के जवाबी हमलों में अब तक 64,000 से ज्यादा फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. गाज़ा के हमास-प्रशासित स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों को संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीय मानता है.