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Zee SalaamMuslim Worldअफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर संकट, UNICEF ने दी चेतावनी, पाबंदी से 4 मिलियन लड़कियां होगी वंचित

अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर संकट, UNICEF ने दी चेतावनी, पाबंदी से 4 मिलियन लड़कियां होगी वंचित

Girls Education in Afghanistan: यूनेस्को की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान शासित अफगानिस्तान में लड़कियों की स्कूली शिक्षा में गिरावट आई है. महिला शिक्षा को लेकर कई कार्यकर्ताओं ने तालिबान के नियमों की निंदा की है, जिसका यूरोपीय यूनियन ने समर्थन किया है.

अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर संकट, UNICEF ने दी चेतावनी, पाबंदी से 4 मिलियन लड़कियां होगी वंचित

Afghanistan News Today: अफगानिस्तान में चार साल तक लड़कियों की शिक्षा पर रोक रहने के बाद, कई महिला कार्यकर्ताओं ने तालिबानी नियमों की निंदा करते हुए नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के मौके पर 'लेट्स स्टडी' नाम का अभियान शुरू किया है.

ऑनलाइन बयान में कार्यकर्ताओं ने कहा कि नए स्कूल सेशन की शुरुआत के साथ ही 4 लाख अन्य लड़कियां शिक्षा से वंचित हो गई हैं, क्योंकि तालिबान ने अफगान लड़कियों को माध्यमिक और उच्च शिक्षा तक पहुंचने से रोक दिया है.

दक्षिण एशियाई राष्ट्र में महिला अधिकार प्रदर्शनकारियों के अभियान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से 'अज्ञानी आतंकवादी समूह' तालिबान के प्रतिबंध के खिलाफ इकट्ठा हुए. जहां उन्होंने शिक्षा तक पहुंच के लिए अफगान महिलाओं के संघर्ष में उनका समर्थन करने का भी आग्रह किया.

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यूरोपीय संघ का मिला समर्थन
कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं को अब वास्तविक अधिकारियों से कोई उम्मीद नहीं है, जो महिलाओं के व्यवस्थित उत्पीड़न और मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल हैं. अफगान महिलाओं के शिक्षा के अधिकार के लिए यूरोपीय संघ (EU) लगातार समर्थन कर रहा है. 

इसी क्रम में यूरोपीय संघ के समर्थन को सुनिश्चित करते हुए अफगानिस्तान में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने रविवार को देश के भविष्य को आकार देने में महिलाओं और लड़कियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया.

अफगानिस्तान में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. इस पोस्ट में उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान के दीर्घकालिक लचीलेपन और समृद्धि को देखते हुए सभी के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है. शिक्षित महिलाएं, अपने महत्वपूर्ण कौशल और ज्ञान के साथ, एक मजबूत, अधिक स्थिर और आर्थिक रूप से स्वतंत्र देश की निर्माता हैं. यूरोपीय संघ उनके शिक्षा के अधिकार का समर्थन करता है."

यह बयान शनिवार को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के आग्रह के बाद आया है. जिसमें मांग की गई है कि देश में नए स्कूल सेशन की शुरुआत के साथ ही इस्लामिक देश की सभी लड़कियों को स्कूल लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए.

एजेंसी ने कहा कि अगर यह प्रतिबंध 2030 तक जारी रहता है, तो चार मिलियन से अधिक लड़कियां प्राथमिक विद्यालय से आगे की शिक्षा के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगी.

यूनिसेफ का लड़कियों की शिक्षा पर जोर
यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा, "इन लड़कियों और अफगानिस्तान के लिए परिणाम भयावह हैं. प्रतिबंध स्वास्थ्य प्रणाली, अर्थव्यवस्था और राष्ट्र के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. कम लड़कियों को शिक्षा मिलने से, लड़कियों को बाल विवाह का अधिक जोखिम होता है, जिसका उनके स्वास्थ्य और कल्याण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है."

उन्होंने कहा, "हम हर अफगान लड़की के शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार की वकालत करना जारी रखेंगे और हम वास्तविक अधिकारियों से इस प्रतिबंध को तुरंत हटाने का आग्रह करते हैं. शिक्षा सिर्फ एक मौलिक अधिकार नहीं है, यह एक स्वस्थ्य, अधिक स्थिर और समृद्ध समाज का मार्ग है."

अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां लड़कियों और महिलाओं के लिए माध्यमिक और उच्च शिक्षा पूरी तरह से प्रतिबंधित है.

लड़कियों शिक्षा में गिरावट
साल 2024 में प्रकाशित यूनेस्को के आंकड़ों के मुताबिक, तालिबान शासित देश में 1.4 मिलियन लड़कियों को जानबूझकर स्कूली शिक्षा से वंचित रखा गया है. प्राथमिक शिक्षा तक पहुंच में भी भारी गिरावट आई है, जहां 1.1 मिलियन कम लड़कियां और लड़के स्कूल जाते हैं.

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