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Yemen Detained UN Officers: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना में संयुक्त राष्ट्र (UN) के दफ्तरों पर छापेमारी कर कम से कम 19 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है, युनाइडेट नेशन्स ने मंगलवार को यह जानकारी दी और सभी की तुरंत रिहाई की मांग की है.
यूएन के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 19 कर्मचारियों में 18 यमनी नागरिक हैं और एक इंटरनेशनल कर्मचारी है. उन्होंने कहा कि हूतियों की यह कार्रवाई बेहद चिंताजनक है. हूती संगठन का इसके बारे में कोई बयान नहीं आया है. लेकिन, जानकार इसे जासूसी और इजराइल की मदद करने से जोड़कर देख रहे हैं.
रविवार को यह छापेमारी तब हुई जब इस्राइल ने हवाई हमले में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और कई कैबिनेट मंत्रियों को मार दिया था. इसके बाद से हूती लड़ाकों ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य, स्वास्थ्य और कई एजेंसियों के दफ्तरों को निशाना बनाया है.
हूती विद्रोही 2014 से यमन की मान्यता प्राप्त सरकार से लड़ रहे हैं. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार को समर्थन दिया है, जबकि हूती उत्तरी यमन और राजधानी सना पर कंट्रोल बनाए हुए हैं.
7 अक्टूबर 2023 को हमास के जरिए इजराइल पर हमले और उसके बाद गाज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद हूतियों ने लाल सागर में जहाज़ों पर हमले तेज कर दिए थे. इसके जवाब में अमेरिका और इस्राइल ने हूतियों के कब्जे वाले यमन में हवाई हमले किए.
युनाइडेट नेशन्स के मुताबिक हूती विद्रोही पहले भी 23 यूएन कर्मचारियों को हिरासत में ले चुके हैंय इनमें से कुछ को 2021 से ही कैद कर रखा गया है।
यूएन विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग ने हाल ही में ओमान की राजधानी मस्कट में हूती मुख्य वार्ताकार मोहम्मद अब्दुस्सलाम से मुलाकात की. यूएन ने चेतावनी दी है कि हूतियों की यह कार्रवाई मानवीय सहायता पहुंचाने के उसके मिशन को गंभीर खतरे में डाल रही है.