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Yemen News: यमन में शुक्रवार को लाखों लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में बड़ी रैलियां निकालीं और कुछ अरब देशों के जरिए इज़राइल (ज़ायोनी शासन) को दिए जा रहे सहयोग की कड़ी निंदा की. यमनी चैनल अल-मसीरा टीवी के मुताबिक, राजधानी सना के साबीन स्क्वायर और देश के दूसरे शहरों में हाल के हफ्तों की तरह इस शुक्रवार भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं.
रैली के बाद जारी संयुक्त बयान में यमनी जनता ने कहा कि ज़ायोनी शासन के अपराधों को पूरी मुस्लिम उम्मा और इंसानी मआशरे को अपराध मानना चाहिए और इस शासन को निरस्त्र करने के लिए कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह पूरी दुनिया और इलाकाई अम्न के लिए खतरा हैं.
बयान में यह भी कहा गया कि लेबनान और फिलिस्तीन में प्रतिरोध की ताक़तों (रेज़िस्टेंस ग्रुप्स) को मज़बूत करना ज़रूरी है, क्योंकि वही इज़राइल की जनसंहारक योजनाओं के सामने सबसे बड़ी बाधा हैं. समर्थन में लापरवाही इस्लामी उम्मा और पूरी इंसानियत को भारी नुकसान पहुंचा सकती है.
यमनी जनता ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया 'ग्रेटर इज़राइल प्रोजेक्ट' के बयान की निंदा की और कहा कि वे इस 'खतरनाक परियोजना' का पूरी ताक़त से विरोध करेंगे. यमनियों का मानना है कि यह योजना इस्लामी उम्मा, धार्मिक स्थलों और यमन सहित पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा है.
बता दें, यमन से गाजा को लगातार समर्थन प्राप्त होता रहा है. वहां का हूती संगठन भी लगातार इजराइल को निशाना बनाता रहता है. वह यहूदी मुल्क पर कभी मिसाइल तो कभी रेड सी में इजराइली पानी के जहाजों को निशाना बनाकर करता है. वहीं, कई इस्लामिक मुल्क ऐसे हैं जिनकी लगातार इस बात को लेकर मजम्मत होती रही है कि उन्होंने फिलिस्तीन के साथ बिलकुल नहीं दिया. यहां तक की देश के अंदर फिलिस्तीनी झंडा दिखाने और स्कार्फ पहनने पर पूरी तरह से रोक लगा दी.