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Bangladesh News: बांग्लादेश में आज तड़के देश के पूर्व सचिव अबू आलम मोहम्मद शाहिद खान को शाहबाग पुलिस स्टेशन में आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया. इसी मामले में अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के 5 दूसरे लीडर और कार्यकर्ताओं को भी राजधानी के मुख्तलिफ हिस्सों से हिरासत में लिया गया.
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उपायुक्त तालेबुर रहमान ने बताया कि ये सभी 6 लोग हाल ही में ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी (डीआरयू) द्वारा आयोजित ‘मंच 71’ कार्यक्रम में कथित रूप से शामिल थे. अबू आलम 1996 से 2001 तक अवामी लीग सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के उप प्रेस सचिव रह चुके हैं. शाहबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के मुताबिक, आरोप है कि 28 अगस्त को डीआरयू में ‘मंच 71’ द्वारा आयोजित गोलमेज चर्चा में ये लोग देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे थे. इस घटनाक्रम के दौरान सशस्त्र संघर्ष की भी कोशिश बताई गई है.
इससे पहले 28 अगस्त को पुलिस ने पूर्व मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल लतीफ़ सिद्दीकी और ढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शेख हाफिजुर रहमान समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया था. सभी के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. 29 अगस्त को इन्हें अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पिछले हफ़्ते बांग्लादेश की एक अदालत ने सिद्दीकी और पत्रकार मोनजुरुल आलम पन्ना की ज़मानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं. ये गिरफ़्तारी उस गोलमेज चर्चा के बाद हुई, जिसका शीर्षक था “हमारा महान मुक्ति संग्राम और बांग्लादेश का संविधान.” चर्चा में प्रोफेसर रहमान ने कहा कि देश के संविधान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है और इसके पीछे जमात-ए-इस्लामी, इस्लामी छात्र शिबिर और नेशनल सिटिज़न्स पार्टी हैं.
रहमान के भाषण के बाद, कुछ लोग डीआरयू सभागार में घुस गए, गोलमेज सम्मेलन का बैनर फाड़ दिया और प्रतिभागियों को बंधक बनाकर पुलिस के हवाले कर दिया. बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने इस गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए कहा कि यूनुस गुट द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों और देश के 1971 के मुक्ति संग्राम की भावना का अपमान किया जा रहा है. पार्टी ने आरोप लगाया कि यूनुस गुट राज्य की सत्ता पर अवैध कब्ज़ा कर रहा है और लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहा है.