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Bangladesh News Today: बांग्लादेश सरकार ने बीते दिनों इस्लामिक स्कॉलर डॉक्टर जाकिर नाइक को आमंत्रित किया था. जाकिर नाइक के आमद को लेकर भारत में भारी विरोध देखने को मिला था. भारत के अलावा बांग्लादेश के एक बड़े धड़े के विरोध की वजह से जाकिर नाइक के एंट्री पर यूनुस सरकार ने रोक लगा दिया है.
यूनुस सरकार ने अपने पुराने आदेश को ही पलट दिया है. जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने उनके एक महीने लंबे दौरे को मंजूरी दी थी. जाकिर नाइक की यह यात्रा 28 नवंबर से शुरू होनी थी. यूनुस सरकार का यह कदम पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासन से अलग था, जिन्होंने 2016 में ढाका के होली आर्टिजन बेकरी पर हुए आतंकी हमले में जाकिर नाइक के नाम आने के बाद उन्हें प्रतिबंधित कर दिया था.
हालांकि, इतवार को ढाका ने अपना फैसला बदल दिया, जब भारत के विदेश मंत्रालय ने दोबारा यूनुस सरकार के सामने खास शर्त रख दी. इसके तहत अगर डॉ जाकिर नाइक बांग्लादेश जाते हैं, तो भारत उनके प्रत्यर्पण की मांग करेगा. नाइक के आगमन पर रोक लगाने को लेकर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसएम महबूबुल आलम ने कहा, "हमने भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के उस बयान पर ध्यान दिया है, जिसमें बांग्लादेश में एक प्रमुख इस्लामिक विद्वान या मौलाना की संभावित यात्रा का जिक्र किया गया था."
ढाका के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जाकिर नाइक को एक स्थानीय संगठन ने 28 से 29 नवंबर को होने वाले दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था. साथ ही उनकी देश के कुछ अन्य शहरों में भी जाने की योजना थी. डॉ जाकिर नाइक के प्रस्तावित दौरे की खबर ने बांग्लादेश में हलचल मच गई है. बांग्लादेश का एक बड़ा तबका यूनुस सरकार के फैसले का पुरजोर विरोध कर रहा था.
मंगलवार को इस संबंध में ढाका में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें सुरक्षा एजेंसियों ने आंकलन किया कि नाइक के आगमन पर बड़े पैमाने पर भीड़ जमा हो सकती है, जिसके लिए भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ेगी. वहीं, बांग्लादेश में संभावित चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में जुटा है. इसलिए अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि जाकिर नाइक को देश में आने की इजाजत देना मुमकिन नहीं है. ऐसे में जाकिर नाइक के दौरे को लेकर चुनाव के बाद दोबार गौर किया जा सकता है.