झारखंड के गोड्डा जिले में टोला गांव के रहने वाले धनंजय मांझी अपनी 7 महीने की हामला बीवी सोनी को D.El.Ed (डिप्लोमा इन एजुकेशन) का एग्जाम दिलाने स्कूटी से ग्वालियर पहुंचे थे.
Trending Photos
)
ग्वालियर: झारखंड के रांची से ग्वालियर तक 1150 किलोमीटर के सफर को स्कूटी से तय कर 7 महीने की हामला (गर्भवती) अहलिया को एग्जाम दिलाने आये धनंजय मांझी को राहत दी गई है. अडानी फाउंडेशन की चेयरपसर्न स्वीटी अडानी ने ग्वालियर से झारखंड की उनकी फ्लाइट टिकट बुक कर दी है. दोनों 16 सितंबर को ग्वालियर से वाया हैदराबाद रांची पहुंचेंगे.
झारखंड के गोड्डा जिले में टोला गांव के रहने वाले धनंजय मांझी अपनी 7 महीने की हामला बीवी सोनी को D.El.Ed (डिप्लोमा इन एजुकेशन) का एग्जाम दिलाने स्कूटी से ग्वालियर पहुंचे थे. दरअसल, धनंजय की माली हालत ठीक नहीं है, जिसकी वजह से उन्होंने 1150 किलोमीटर के लंबे सफर को अपनी स्कूटी से ही तय करने का फैसला किया था. उनकी बीवी सोनी पद्मा कन्या विद्यालय में D.El.Ed दूसरे साल की तालिबा हैं और टीचर्स बनना चाहती हैं.

ग्वालियर में रहने और खाने के लिए उनके सामने दो वक्त की रोटी की परेशानी थी. जिस पर कुछ समाजसेवियों से उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी. कई समाजसेवी तंज़ीमों ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया और धनंजय कुमार से मिलकर खाने-पीने और रहने का का इंतजाम किया. उन्हें यह भरोसा दिलाया कि जब तक वह ग्वालियर में हैं तब तक जो भी उनकी ज़रूरत होगी यह समाजसेवी पूरा करेंगे.
धनंजय गुजरात में कुक थे. लॉकडाउन के दौरान उनकी नौकरी चली गई और उन्हें अपने घर वापस लौटना पड़ा. इसी दौरान बीवी सोनी की एग्जाम डेट आ गई. उन्होंने जाने के लिए बसों का किराया पता किया, जो 15 हजार एक शख्स का था. इसके बाद उन्होंने ट्रेन टिकट बुक कराया, लेकिन आखिर वक्त पर ट्रेन भी कैंसिल हो गई. जिसके बाद उन्होंने स्कूटी से जाने की ठानी. उनकी माली हालत अभी भी आड़े आ रही थी. स्कूटी में पेट्रोल और खाने का इंतेज़ाम करने के लिए बीवी ने अपने गहने तक गिरवी रख दिए.
Zee Salaam Live TV