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नई दिल्ली: निजामुद्दीन तबलीगी जमात मरकज में मुल्क के कई रियासतों से लोग प्रोग्राम में शामिल होने आए थे. लॉक डाउन के बावजूद अलग अलग रियासतों से आए लोग मरकज़ की ओर से किए गए मज़हबी प्रोग्राम में शामिल हुए थे. मरकज़ में शामिल हुए शख्स की मौत के बाद हड़कंप मच गया और उसके बाद मरकज़ को खाली कराया गया.बीती रात शुरू होकर आज सुबह चार बजे तक चले तलाशी मुहिम के बाद यहां से 2361 लोगों को निकाला गया है. यहां कई ग़ैर मुल्की और हिंदुस्तानी शहरी मिले, जो छुपकर रह रहे थे.
निज़ामुद्दीन तबलीगी मरकज़ के इस वाक्ये के बाद सभी रियासतें अलर्ट हो चुकी हैं.अपने अपने इलाकों में मरकज़ में शामिल हुए लोगों की जांच कर रही हैं इसी सिम्त में दिल्ली के वजीराबाद जामा मस्जिद में निजामुद्दीन मरकज के 15 लोग मिले जो छुपकर रह रहे थे, जिसमें 12 इंडोनेशियाई है और 3 हिंदुस्तानी हैं. 21 मार्च को ये 15 लोग मरकज से वजीराबाद आ गए थे. फिलहाल सभी को मस्जिद में ही क्वारंटीन कर दिया गया है.
दिल्ली के मानसरोवर पार्क में भी 9 लोग मिले हैं, जो मरकज से यहां छुपकर रह रहे थे. 9 में से 7 म्यांमार के हैं और 2 असम के हैं. पुलिस अभी मौके पर ही मौजूद है और लोगों की तलाश कर रही है.
बता दें कि मरकज़ जमाती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ दिल्ली के डिप्युटी सीएम ने कहा था कि मैं इस मरकज में शामिल सभी लोगों से कहना चाहूंगा कि आप सब सामने आएं. अगर छुपाकर रखेंगे तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सड़कों पर भीड़ जमा होना, राष्ट्रीय आपदा कानून (National disaster law) के तहत जुर्म माना जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
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