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दीप चंद्र जोशी/मुरादाबाद: कोरोना वॉरियर्स लोगों की कोरोना से ज़िदगी बचाने में जुटे हैं. ऐसे संजीदा वक्त में जिस दौरान इस खतरनाक वायरस से बचाने के लिए घरों में क़ैद हैं. ये वॉरियर्स फ्रंट पर लोगों की मदद कर रहे हैं. लेकिन यह बड़े ही शर्म की बात है कि कोरोना से असरात को समझाने के लिए और उनकी ज़िदगी बचाने के लिए लोगों के पास जा रहे इन वॉरियर्स के ऊपर ही लोग पथराव कर रहे हैं.
यूपी के मुरादाबाद के नागफनी इलाके में सेहत महकमा की टीम पर पथराव के बाद पुलिस और इंतेजामिया की टीम आज सड़को पर उतरी. बवाल वाले इलाके नागफनी समेत शहर भर के इलाकों में ड्रोन कैमरों से चेकिंग की जा रही है. वहीं मामले में मुल्ज़िमीन पर कार्रवाई करने के लिए सुबह 3 बजे रिमांड मजिस्ट्रेट के घर पर स्पेशल कोर्ट लगाई गई. और पकड़े गए 17 लोगों को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया.
बता दें नागफनी में लोगों ने छतों पर पत्थर जमा किए हुए थे. जिनसे स्वास्थ्य टीम पर पथराव किया गया. लिहाज़ा इस हमले के बाद अब शहर के लगभग हर थाना इलाके में ड्रोन कैमरों की मदद से घरों की छतों को खंगाला जा रहा है. जिसकी कमान मजिस्ट्रेट और सीओ के हाथों में है. वहीं पकड़े गए लोगों से भी पूछताछ जारी है.
गौरतलब है कि बीते 15 अप्रैल की दोपहर सेहत महकमा की टीम मुरादाबाद के नागफनी थाना इलाके में मौजूद नवाबपुरा में कोरोना मुश्तबा को लेने पहुंची थी. लेकिन सेहत महकमा और पुलिस की टीम को देखते ही कुछ मकामी लोगों ने घर की छतों से ईंट और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. इस पथराव में सेहत महकमा के दो कारकुनान संजीदा तौर पर ज़ख्मी हो गए और दो एम्बुलेंस तथा एक पुलिस वैन भी टूट गई.
इस मामले में पुलिस ने 17 लोगों गिरफ्तार करने के साथ ही करीब 200 नामालूम लोगों के खिलाफ संजीदा धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. गिरफ्तार किए गए लोगों में 7 ख़्वातीन और 10 युवक आरोपी शामिल हैं. घटना की ख़बर पर मुरादाबाद इंतेजामियां ने नवाबपुरा में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर हालात को काबू में किया. इसके बाद पुलिस ने घटना के मुज़रिमीन को पकड़ने के लिए मुहिम शुरू की.