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नई दिल्लीः सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि वर्ष 2018 से 2020 के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक दंगों (Cases of communal riot)के कुल 1,807 मामले दर्ज किये गए और 8,565 लोगों को गिरफ्तार किया गया. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Union Minister of State for Home Nityanand Rai) ने उच्च सदन को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि सांप्रदायिक दंगों के सर्वाधिक मामले बिहार में दर्ज किये (Highest rate of communal riots registered in Bihar) गए. इसके बाद महाराष्ट्र और हरियाणा का स्थान रहा. हरियाणा में इन तीन वर्ष में दंगों के 146 मामले दर्ज किए गए और 294 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इन सभी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए और तीन को दोषी ठहराया गया.
4,097 लोगों को गिरफ्तार किया गया
राय ने बताया कि देश में वर्ष 2018 में सांप्रदायिक दंगों के 512 मामले, 2019 में 438 मामले और 2020 में 857 मामले दर्ज किए गए. राय के मुताबिक, सांप्रदायिक दंगों के सिलसिले में 2018 में देश के विभिन्न हिस्सों में 4,097 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 2019 में देश के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक दंगों के सिलसिले में 2,405 लोगों को और 2020 में 2,063 लोगों को गिरफ्तार किया गया. दंगों के लिए 2018 में 200 लोगों को, 2019 में 332 लोगों को और 2020 में 229 लोगों को दोषी ठहराया गया.
बिहार में दो सालों में दंगों के 419 मामले दर्ज किए गए
राय ने बताया कि बिहार में 2018 से 2020 के दौरान दंगों के 419 मामले दर्ज किए गए और 2,777 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 2,316 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए और 62 लोगों को दोषी ठहराया गया. महाराष्ट्र में 2018 से 2020 के दौरान दंगों के 167 मामले दर्ज किए गए और 1,332 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें से 1,324 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए और 10 लोगों को दोषी ठहराया गया.
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