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नई दिल्ली: ओखला के नूरनगर में मौजूद सर्वोदया कन्या विद्यालय में अंदर जाते ही स्कूल के एक बोर्ड पर नज़र पड़ती है, जिस पर लिखा है " मेहनत इतनी खामोशी से करो, कि कामयाबी शोर मचा दे". बस इसी मूलमंत्र को आगे रखकर इस सरकारी स्कूल की 23 बेटियों ने आज कामयाबी का परचम लहरा दिया और मेडिकल के लिए होने वाले नीट में कामयाबी हासिल की.
दिल्ली के सरकारी स्कूल की ये ख़बर आजकल हर किसी की जुबान पर है और बेटियों की आस कामयाबी पर हर कोई फख्र कर रहा है. नीट में 349 नम्बरों के साथ कामयाब होने वाली सदफ शमीम आगे चलकर खूब मेहनत करना चाहती है. सदफ बताती है कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि उनकी मेहनत रंग लाई हालांकि वो और बेहतर कर सकती थी इसके लिए वो और मेहनत करेगी.
नीट के इम्तिहान को क्वालीफाई करने वाली अरिबा, शिज़ा और आफरीन भी इस कामयाबी से बेहद खुश हैं. वो कहती हैं कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई के बावजूद अगर उन्होंने इतना अच्छा किया है तो इसमें स्कूली टीचर्स का बड़ा रोल है. ये बेटियां कहती हैं कि अब हालात बदल रहे है और उनकी मेहनत रंग ल रही है. हालांकि वो सरकार से आगे आकर उन जैसी बेटियों के लिए स्कॉलरशिप की भी मांग करती है.
स्कूल की वाइस प्रिंसीपल मुदस्सिर जहां भी अपने स्कूल की इस कामयाबी पर बेहद खुश है. इस मामले में दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने एक ट्वीट भी किया और बेटियों को मुबारकबाद दी है. मुदस्सिर जहां कहती है कि उन्हें बेहद खुशी होगी अगर शिक्षा मंत्री उनके स्कूल में आकर बेटियों का हौसला बढाएंगे.
बेटियों की ये कामयाबी काबिले फ़ख्र है क्योंकि अब तक सरकारी स्कूलों को पीछे समझा जाता था लेकिन इस तरह की कामयाबी नई इबारत लिखती दिख रही है.