शाहीन बाग़ मुज़ाकरात: दुसरे रोज़ भी नहीं निकला कोई हल, जानिए क्या कहा मुज़ाहिरीन ने

मुज़ाहिरीन का कहना है हम यहां से हट जाएंगे तो हमारी कौन सुनेगा, घर में मुज़ाहिरा करने से कोई फायदा नहीं होगा. हमारा मसला शहरियत कानून है और ये मज़ाकरात उस मसले पर बात नहीं है

शाहीन बाग़ मुज़ाकरात: दुसरे रोज़ भी नहीं निकला कोई हल, जानिए क्या कहा मुज़ाहिरीन ने

शुऐब रज़ा/नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के जरीए तकर्रुर किए गए सालिसकार वक़ील संजय हेगड़े और साधना रामाचंद्रन शाहीनबाग में गुज़िश्ता 68 दिनों से मुज़ाहिरा करे रहे लोगों से सड़क खोलने के मसले पर आद फिर मिले लेकिन लोगों ने साफ़ कर दिया कि जब तक हुकूमत शहरियत तरमीमी कानून वापस नहीं लेती तब तक वो नहीं हटेंगे.

बातचीत के दूसरे रोज़ सालिसकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने मुज़ाहिरीन को मशवरा दिया कि कोई ऐसा रास्ता निकालें जिससे शाहीनबाग में ही प्रदर्शन भी चलता रहे और रास्ता भी खुल जाए. सालिसकार ने कहा कि हम ये कह रहे हैं कि शाहीनबाग भी क़ायम रहे और लोगों को परेशानी भी न हो, लेकिन मुज़ाहिरीन ने एक सुर में सड़क खाली करने से इंकार कर दिया. मुज़ाहिरीन का कहना है हम यहां से हट जाएंगे तो हमारी कौन सुनेगा, घर में मुज़ाहिरा करने से कोई फायदा नहीं होगा. हमारा मसला शहरियत कानून है और ये मज़ाकरात उस मसले पर बात नहीं है.

बता दें कि मुज़ाहिरीन से बातचीत के बाद संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन मुज़ाहिरीन और पुलिस के साथ बंद सड़कों का मुआयना करने भी गए लेकिन जाते-जाते साधना रामचंद्रन ने कहा है कि सबसे बात करना मुश्किल है अगर एक वफ्द बनाकर बात हो तो बेहतर होगा. दूसरे दिन की बातचीत के बाद भी अभी तक नहीं लगता कि कोई हल निकलेगा क्योंकि मुज़ाहिरीन शहरियत कानून पर हल चाहते हैं जिसका जवाब सालिकारों के पास नहीं है