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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंटल सेंटर में पासिंग आउट परेड का इनेकाद किया गया. इस दौरान यूटी (union territory) के 301 बेटे फौज में शामिल हुए. इन सभी के परिवार वाले मौके पर तो नहीं पहुंच सके लेकिन उनके घरों में खुशी का माहौल है. तकरीबन साल भर के सख्त इम्तिहान के बाद फौज का हिस्सा बन रहे जवानों की सलामी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने ली और मुबारकबाद पेश की.
फौज का हिस्सा बन रहे जवानों का जोश देखते ही बन रहा था. जवानों ने ज़ी मीडिया नुमाईंदे से बात करते हुए कहा कि वे अपने मुल्क की हिफाज़त के लिए तैनात रहेंगे. यह उनके लिए फख्र की बात है कि उन्हें मुल्क की खिदमात का मौका मिला.
प्रोग्राम के आखिर में ले.ज. बीएस राजु ने सहाफियों को खिताब करते हुए जम्मू-कश्मीर के कई मुददों पर इजहारे खयाल किया. जम्मू-कश्मीर में हालात पर जीएस राजु ने कहा कि यूटी के हालात सुधर चुके हैं. इस साल दरअंदाजी (घुसपैठ) को भी रोक पाने में बड़ी कामयाबियां हासिल हुई हैं. पिछले साल तकरीबन 130 लोग दरअंदाजी करके दाखिल हुए थे, इस साल 30 से भी कम लोग ही दरअंदाजी में कामयाब हो सके हैं. जिसकी वजह से यूटी में अम्न बहाली में मदद मिल रही है और आने वाले दिनों में हालात और भी अच्छे होने वाले हैं.
उन्होंने आगे बताया कि गुज़िश्ता एक महीने में कुछ नौजवान दहशतगर्दाना तंजीमों में शामिल हुए हैं. हालांकि उनका यह भी कहना रहा कि सरहद पार जाने के बाद सच्चाई से उनका सामना होता है और वे खुद ही सरेंडर कर देते हैं. सिक्योरिटी वजूहात की वजह से उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जाती.
जम्मू कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट को अपने आप में 'छोटा हिंदुस्तान' कहा जाता है. क्योंकि इस रेजिमेंट में मुल्क के हर हिस्से के जवान हैं. फौज में शामिल हुए 301 नए जवान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से ताल्लुक रखते हैं. कोविड की वजह से जवानों के परिवार वाले प्रोग्राम में शामिल नहीं हो सके. इसलिए जवानों ने एक दूसरे को मुबारबाद दी.
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