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हरीश दिवेकर/ग्वालियर: लोगों को कोरोना वायरस से बचाने वाले डॉक्टर भी कोरोना शिकार होने लगे हैं. इसी को देखते हुए ग्वालियार में 50 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है. हाल ही में ग्वालियार के राजा मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढाई मुकम्मल करने वाले 88 डॉक्टरों में से 50 ने इस्ताफा दे दिया है. जिसकी तस्दीक गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के डीन डॉक्टर एसएन अयंगर ने की है.
डॉ एसएन अयंगर ना बताया कि रियासती हुकूमत के हुक्म के बाद हमने 1 अप्रैल को इंटर्नशिप मुकम्मल कर चुके 88 डॉक्टरों को कोरोना इमरजेंसी में मरीज़ों के इलाज के लिए 3 महीने के कांट्रैक्ट पर रखा था. उन्होंने मज़ीद बताया कि इन 50 डॉक्टरों ने मेडिकल काउंसिल के उस हुक्म के बाद दिया है जिसमें काउंसिल ने कहा कि जो डॉक्टर ख्वाहिशमंद हैं वो अपनी खिदमात दे सकते हैं. काउंसिल की जानिब से "ख्वाहिशमंद" लफ्ज़ आते ही बाद 50 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है और उनका इस्तीफा मंज़ूर भी किया जा चुका है.
डॉक्टर डीन ने बताया कि गुज़िश्ता बुध को रियासत में एस्मा (Essential Services Maintenance Act) नाफिज़ हो गया है और अब किसी भी डॉक्टर का इस्तीफा मंज़ूर नहीं होगा
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