दस रुपये के लिए एक दोस्त ने ले ली दूसरे की जान, कुल्हाड़ी से काट दी गर्दन

मध्य प्रदेश के सागर जिले में दस रुपये के लिए शख्स के कत्ल का मामला सामने आया है. सागर के बांदरी कस्बे के आगासिस तिराहे पर बुध को जेब से दस रुपये का नोट निकालने को लेकर हुए तनाज़े में एक शख्स ने दूसरे की गर्दन पर कुल्हाड़ी मारकर कत्ल कर दिया. वारदात सुबह करीब 11.30 बजे की है.

दस रुपये के लिए एक दोस्त ने ले ली दूसरे की जान, कुल्हाड़ी से काट दी गर्दन

अतुल अग्रवाल/सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में दस रुपये के लिए शख्स के कत्ल का मामला सामने आया है. सागर के बांदरी कस्बे के आगासिस तिराहे पर बुध को जेब से दस रुपये का नोट निकालने को लेकर हुए तनाज़े में एक शख्स ने दूसरे की गर्दन पर कुल्हाड़ी मारकर कत्ल कर दिया. वारदात सुबह करीब 11.30 बजे की है.

बांदरी पुलिस के मुताबिक पेशे से मज़दूर लक्ष्मण अहिरवार (35), लच्छू आदिवासी (55) और सुंदर अहिरवार (30) आपस में खड़े होकर किसी बात पर चर्चा कर रहे थे. इसी दौरान लक्ष्मण ने सुंदर की शर्ट की जेब में रखा दस रुपये का नोट निकाल लिया. लक्ष्मण ने पैसे सुंदर की जेब से निकाले थे, लेकिन साथ में खड़ा लच्छू आदिवासी उसके साथ गाली-गलौच करने लगा तो सुंदर ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उसकी एक न सुनी. 

लच्छू को जब लक्ष्मण ने गाली देने से मना किया तो उसने लक्ष्मण की गर्दन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. लक्ष्मण जमीन पर गिर गया. थाना इंचार्ज रवि भूषण पाठक ने बताया वारदात की इत्तेला मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. लक्ष्मण की गर्दन के बाएं हिस्से पर गहरा ज़ख्म था और खून बह रहा था. पुलिस उसे फौरन जिला अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही लक्ष्मण की मौत हो गई.

इस वारदात को अंजाम देने के बाद से ही मुल्ज़िम लच्छू आदिवासी फरार है. पोस्टमार्टम के बाद लक्ष्मण की लाश को उसके परिवार को सौंप दी गयी. मुतवफ्फी लक्ष्मण की बहन सोना बाई आई थी. उसने बताया कि लक्ष्मण को खाना खाने के लिए घर बुलाया गया था. अगर वह घर आ जाता तो उसकी जान नहीं जाती. पोस्टमार्टम हाउस के एक कारकुन ने मुतवफी की बहन से पोस्टमार्टम के तीन सौ रुपए मांगे.

उसके पास मात्र 30 रुपए थे. पोस्टमार्टम करने वाले कारकुन ने उससे 30 रुपए लेकर लाश दी. सोना बाई ने रोते हुए कहा अगर तीन सौ रुपए होते तो वह साड़ी खरीदकर पहनती. गौरतलब है कि पोस्टमार्टम करने वाले कारकुन को तन्ख्वाह मिलता है. वे पैसा नहीं मांग सकते. जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. वीएस तोमर से जब इसकी शिकायत की गई तो उन्होंने जांच कराने और मुजरिम पाए जाने पर पोस्टमार्टम कारकुन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.