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शरीफुद्दीन/असम: बजरंगी भाईजान सिर्फ एक फिल्म थी. लेकिन उस जैसा ही एक सीन असल जिंदगी में भी हुआ है. जहां एक शख्स ने दूसरे शख्स को उसकी मादर-ए-वतन पहुंचाने का काम किया है. यह मामला असम के बराक घाटी का है.
जानें पूरा मामला?
बांग्लादेश का एक मानसिक और शारीरिक तौर पर अस्थिर शख्स गलती से भारतीय जमीन पर घुस गया. जानकारी के मुताबिक इस शख्स की उम्र 25 साल थी, जिसका नाम लिटन भुमिज था. इस बात का पता जब करिमगंज जीले के रहने वाले सुजन देवराय को लगा तो वह उस शख्स को वापस भेजने की कोशिशों में लग गए. इस मामले को लेकर सुजन देव ने कहा कि पहले उस भटके हुए शख्स का वीडियो इंटरनेट पर डाला.
सुजन देवराय ने बताया कि उन्होंने फेसबुक में लाईव किया और बंगलादेश के उसके दोस्तों को लिटन भुमिज के परिवार का पता लगाने के लिए कहा. जिसके बाद इसके बाद से ही उनके पोस्ट पर बहुत से लोग जुड़े और लिंटन भुमिज को वापस उसके देश भेजने का काम हो सका.
सुजन देवराय बताते हैं कि बंगलादेश उच्चायोग ने मुझे बुलाया और व्यक्ति को सीमा पर लाने को कहा. लेकिन लिटन भुमिज के अस्थिर होने की वजह से उसे सीमा पर लाने के लिए मनाना काफी मुश्किल था. लेकिन हम किसी हालत उसे समझा बुझाकर करिमगंज जीले के सुताकांन्दी भारत-बंगलादेश सीमा पर ले गए और देर शाम को दोनों देशों के सेना जवानों की उपस्थिति में लिटन भुमिज को उसके परिवार सदस्यों के हाथों सौंपकर वापस बंगलादेश भेजा गया.
लिटन भुमिज के मां का ये था बयान
इस मामले पर लिंटन भुमिज की मां ने बात करते हुए मीडिया से कहा कि, पांच साल पहले लिटन भुमिज अपने परिवार से बिछड़ा और अचानक गायब हो गया था. उसे काफी खोजने की कोशिश की गई लेकिन परिवारवाले असफल रहे. शख्स की मां बताती हैं पुलिस में शिकायत दर्ज कि गई, लेकिन पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाई. करीब दो साल बाद किसी ने उसका वीडियो दिखाया. जिसके बाद पता चल सका कि उसका बेटा भारत में है. लिटन भुमिद की मां कहती हैं भारत के कुछ दयालु लोग आज बंगलादेश में मेरे बेटे को वापस लाने में मदद की है. मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं कि भारत के इन दयालु लोग मेरे बेटे को अच्छी तरह रखा.
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