)
नई दिल्लीः ओडिशा पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने कॉलेज शिक्षिका, पुलिसकर्मी और वकील से लेकर कई पेशेवर महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उससे न सिर्फ शादी की बल्कि उनसे पैसे भी ठगे. आरोपी ने सात राज्यों की कुल 14 महिलाओं से शादियां की, लेकिन ओडिशा के डॉन जुआन नाम से कुख्यात यह व्यक्ति सोमवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
38 सालों से शादियां रचाने में व्यस्त इस शख्स का असल नाम रमेश चंद्र स्वैन है. 66 वर्षीय रमेश ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के एक तटवर्ती गांव का निवासी है. पुलिस के मुताबिक रमेश ने खुद को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में कार्यरत उपमहानिदेशक के रूप में पेश किया.
14 में से नौ पत्नियों की हुई तलाश
आरोपी ने अपनी पत्नियों से लाखों रुपयों की ठगी भी की जिनमें से तीन दिल्ली में, दो ओडिशा में, दो-दो मध्य प्रदेश, पंजाब और असम में और एक-एक झारखंड और उत्तराखंड में रहती हैं. भुवनेश्वर पुलिस के उपायुक्त यूएस दास ने सोमवार को कहा, ‘‘हमने उसकी 14 में से नौ पत्नियों को ढूंढ़ लिया है और अन्य से भी आगे आने की अपील करते हैं. हमे संदेह है कि उसके द्वारा ठगी गई कई महिलाएं सामाजिक बंधन के कारण सामने नहीं आ रही हैं. हम उनसे ओडिशा पुलिस से संपर्क करने की अपील करते हैं.’’
पत्नियों में डाॅक्टर, वकील, पुलिस अफसर से लेकर प्रोफेसर भी
रमेश ने पहली शादी 1982 में की और अंतिम शादी 38 साल बाद 2020 में की. उसने अपनी अंतिम शादी एक शिक्षिका से दिल्ली स्थित आर्य समाज मंदिर में की. डॉ. बिभु प्रकाश स्वैन, डॉ. रमानी रंजन स्वैन जैसे अलग-अलग नाम रखने वाला रमेश भले ही एक चिकित्सक न हो, लेकिन पहली पत्नी से उसके तीनों बच्चे चिकित्सक हैं और विदेश में रहते हैं. रमेश की दूसरी पत्नी चिकित्सक हैं और प्रयागराज में रहती हैं. जिन महिलओं को उसने अपने जल में फंसाया उनमें आईटीबीपी की एक कमांडेंट, शिक्षिकाएं और दिल्ली उच्च न्यायालय की वकील तक शामिल हैं.
ऐसी महिलाओं को फंसाता था अपने जाल में
भुवनेश्वर स्थित किराये के मकान में दिल्ली की शिक्षिका पत्नी के साथ रहते समय रमेश की किस्मत खराब हो गई. महिला को उसकी पहली शादी की भनक लग गई और पांच जुलाई 2021 को उसने भुवनेश्वर के ही महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. केंद्रपाड़ा में रहने वाली पहली पत्नी के बारे में पूछने के बाद वह भुवनेश्वर से भाग गया. सतपथी ने कहा कि रमेश मध्यम आयु वर्ग की अकेली खासकर तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाता था, जो वैवाहिक वेबसाइटों पर साथी की तलाश करती थीं.
धोखाधड़ी में जा चुका है जेल
हालांकि रमेश ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘‘मैंने इन सभी महिलाओं से शादी नहीं की और मुझे एक चिकित्सक की जरूरत थी.’’ पुलिस ने 11 एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड और बिहार स्कूल प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं. पुलिस ने कहा कि उसे वर्ष 2010 में हैदराबाद और वर्ष 2006 में एर्नाकुलम में बेरोजगार युवाओं को धोखा देने के आरोप में दो बार गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का कहना है कि रमेश की शैक्षणिक योग्यता की जांच की जरूरत है, क्योंकि वह निश्चित रूप से एमबीबीएस चिकित्सक नहीं हैं.
Zee Salaam Live Tv