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संजीत कुमार/जशपुर: छत्तीसगढ़ को अलग सूबा बने हुए 20 साल भले हो चुके हैं लेकिन आज भी कई ऐसे हिस्से हैं, जहां पर सड़क, बिजली और दूसरे इंतेज़ाम जुड़े मसायल बने हुए हैं. जिसकी खबरें आए दिन मंज़रे आम पर आती रहती हैं. ऐसा ही एक मामला आज तंबाकछार के जबला गांव से आया है. यहां सड़क नहीं होने की वजह से एंबुलेंस नहीं आ सकी तो परिवार वालों को प्रसव (प्रेगनेंसी) से मुतास्सिर खातून को चारपाई पर लादकर नदी पार कर अस्पताल पहुंचाना पड़ा.
मकामी लोगों के मुताबिक गांव में सड़क नहीं होने की वजह से आए रोज़ इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. गांव वालों ने बताया कि प्रसव से पीड़ित खातून को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके, इसके लिए 'महतारी एक्सप्रेस' चलाई गई थी लेकिन वो भी अनउपयोगी साबिक हुई. गांव वालों आगे बताया कि पोटापानी और सोनईपुर के बीच 5 किलोमीटर की सड़क को बनाने के लिए अफसरों और लीडरों से कई बार शिकायत भी की गई लेकिन फिर भी इस सड़क को नहीं बनवाया गया.
गांव वालों ने बताया कि तंबाकछार में उपस्वास्थ्य केंद्र है लेकिन वहां की नर्सें अक्सर गायब रहती हैं. जिसके चलते लोग दूसरे अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं. वहीं, जब सड़क को लेकर मुख्य कार्य पालक अधिकारी विनोद सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सड़क तामीर का प्लान करके मुतअल्लिक अफसरों को भेज दिया गया है. बारिश के बाद सड़क तामीर का काम शुरू हो जाएगा.
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