लॉकडाउन में हामला तमन्ना के लिए फरिश्ता बनी खाकी, हिंदू अफसर के नाम पर रखा बेटे का नाम

बरेली की नौ महीने की गर्भवती तमन्ना ने क्यों कि ये तमन्ना कि बेटा हुआ तो नोएडा के एडिशनल DCP रणविजय के नाम पर रखूंगी नवजात का नाम. एक ऐसी कहानी जो खाकी के बारे में अब तक की आपकी सोच को बदल कर रख देगी. पुलिस वाले भगवान न सही कोरोना संकट की इस घड़ी में कुछ लोगों के लिए देवदूत जरूर बन गए.

लॉकडाउन में हामला तमन्ना के लिए फरिश्ता बनी खाकी, हिंदू अफसर के नाम पर रखा बेटे का नाम

पवन त्रिपाठी/नोएडा : कोरोना (Coronavirus) महामारी की वजह से हुए लॉक डाउन के दौरान उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) पुलिस का ऐसा रूप सामने आया है जिसने आम लोगों के बीच खाकी के लट्ठमार अक्स को बदल कर उसका इंसानी चेहरा पेश किया है. ऐसी ही एक कहानी बरेली से आई है जहां तमन्ना नाम की एक खातून ने अपने नौज़ायदा बच्चे का नाम नोएडा के एडिशनल DCP रणविजय के नाम पर रखने का फैसला किया है.

एडिशनल डीसीपी रणविजय ने तमन्ना की ऐसी तमन्ना पूरी की थी कि उसके बाद उसने वॉट्सऐप पर ये मैसेज भेजा कि, "मैं आपकी ताउम्र शुक्रगुजार रहूंगी, अगर मुझे बेटा हुआ तो मैं उसका नाम रणविजय रखूंगी". ऊपर वाला शायद तमन्ना पर बहुत मेहरबान था कि उसने चौबीस घंटे के अंदर उसकी दो तमन्ना पूरी कर दी. पहली तमन्ना एडिशनल  DCP रणविजय के जरिए पूरी हुई जबकि दूसरी तमन्ना एक प्यारे से बेटे के जन्म के साथ पूरी हुई लेकिन ये तब मुमकिन हो पाया जब लॉक डाउन की वजह से नोएडा में फंसा उसका शौहर पुलिस की मदद से बरेली लौट पाया.

दरअसल, बरेली की रहने वाली तमन्ना 9 महीने की हामला थी और अपने घर पर अकेली थी. लॉक डाउन की वजह से उसके शौहर नोएडा में फंसे थे. दूसरी तरफ तमन्ना को दर्द शुरू हो गया था. तमन्ना को समझ नहीं आया कि वो क्या करे, लिहाजा उसने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो मैसेज डाला.

सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो में तमन्ना ने अपनी हालत बयान की कि, "मेरे शौहर इस वक्त नोएडा में फंसे हुए हैं, वो वहां मजदूरी करने गए थे. हम बहुत गरीब परिवार से हैं. मैं और मेरे शौहर अकेले ही रहते थे. अभी कुछ ही दिन पहले मेरे शौहर नोएडा गए थे. मैं नौ महीने की हामला हूं और इस वक्त मुझे अपने शौहर की बहुत ज़रूरत है. मैं आप सबसे हाथ जोड़ कर गुज़ारिश करती हूं कि प्लीज मेरे शौहर को बरेली तक सही सलामत पहुंचवा दीजिए. मुझे उनकी ज़रूरत है. मेरे 9 महीने भी पूरे हो चुके हैं. ये देखिए मेरी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, मैं इसमें आपको दिखा सकती हूं, ये जो ईडीडी है, ड्यू डेट है वो 23 मार्च 2020 है आप देख सकते हैं ये मेरा अल्ट्रासाउंड है इस पर मेरा नाम है तमन्ना, इस पर 23 मार्च की तारीख है और 23 मार्च हो भी चुकी है आज 25 मार्च है. मुझे कभी भी हॉस्पिटल जाने की ज़रूरत पड़ सकती है और यहां मेरे साथ जाने वाला कोई भी नहीं क्योंकि मैं और मेरे शौहर अकेले ही रहते थे. प्लीज प्लीज़ मेरी मदद कीजिए."

इस मैसेज के बाद योगी हुकूमत भी एक्शन में आ गई. बरेली पुलिस को खातून की मदद करने के अहकामत दिए गए. इसके बाद बरेली पुलिस के ज़रिए खातून की नोएडा पुलिस में बात कराई गई. नोएडा में एडिशनल DCP रणविजय ने तमन्ना के शौहर को तलाश निकालने का जिम्मा उठाया. तमन्ना से उन्हें उसके शौहर का फोन नंबर मिला जिसके ज़रिए पुलिस उस तक पहुंच गई. इसके बाद नोएडा पुलिस ने बरेली पुलिस के साथ तालमेल बैठा कर उसके शौहर को बरेली पहुंचाया. इस बीच तमन्ना अस्पताल में दाखिल कराई जा चुकी थी जहां उसने एक प्यारे से बेटे को जन्म दिया.

बेटे के जन्म के बाद तमन्ना ने यूपी हुकूमत और नोएडा पुलिस का शुक्रिया अदा दिया. उसने खासतौर से नोएडा में तैनात एडिशनल DCP रणविजय को उनकी मदद के लिए याद किया. इस पर तमन्ना ने सोशल मीडिया पर फिर से एक वीडियो मैसेज डाला लेकिन इस बार इस वीडियो में तमन्ना के साथ उसका नवजात बेटा और शौहर भी था.

दुनिया भर की खुशियां समेटे हुए तमन्ना ने सोशल मीडिया पर डाले अपने वीडियो में कहा," मेरा नाम तमन्ना है, मैं बरेली की रहने वाली हूं. अब से कुछ ही वक्त पहले शायद चार या पांच घंटे पहले मैं मौत और जिंदगी से लड़ रही थी, मेरे हसबैंड नोएडा में फंसे हुए थे. और यहां मुझे लेबर पेन हो रहा था. मुझे हॉस्पिटल पहुंचाने वाला भी कोई नहीं था. और आज मेरा प्यारा सा बेटा है और मेरे हसबैंड मेरे पास हैं और ये सब पॉसिबल हुआ एसएसपी बरेली, बरेली पुलिस, कमिश्नर सर जो नोएडा की हैं और एडिशनल DCP रणविजय सर. वैरी स्पेशल थैंक्स यू टू ऑल ऑफ यू आप लोगों की कोशिश की वजह से मेरे हसबैंड बरेली आ पाए और मुझे हॉस्पिटल में एडमिट कर पाए और मैंने प्यारे से बेटे को जन्म दिया है. खाकी में भगवान हैं आप लोग सचमुच, बहुत बहुत शुक्रिया. आज आप लोगों की वजह से ही शायद मैं जिंदा हूं."  

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