Abbas Ansari Hate Speech Case: मऊ जिले के कोतवाली थाने में मार्च 2022 में अब्बास अंसारी, उमर अंसारी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में विधायक को दो साल की सजा सुनाई गई है.
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Abbas Ansari Hate Speech Case: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी को 2022 के भड़काऊ भाषण मामले में कोर्ट ने दो साल कैद की सजा सुनाई है. अब्बास अंसारी इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देंगे. मऊ जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद विधायक के वकील दरोगा सिंह ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
वकील दरोगा सिंह ने कहा, "जब मुकदमा कायम हुआ था, तब सिर्फ छह महीने की सजा थी. बाद में पुलिस से इस पर चर्चा के बाद इसे कई धाराओं में बढ़ा दिया गया और अब उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई है. हम इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेंगे."
अभियोजन पक्ष ने क्या दी दलील
इस बीच, संयुक्त निदेशक अभियोजन चंद्रकेश राय ने कहा, "कोर्ट ने विधायक को दो साल की सजा और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. आरोप धारा 153(ए) और 171(एफ) के तहत थे. अगर कोई इन धाराओं के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे सिर्फ 2 साल की सजा नहीं होती, विधानसभा की सदस्यता भी छीनी जा सकती है."
सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
गौर करने वाली बात यह है कि विधायक अब्बास अंसारी के करीबी मंसूर अंसारी को भी छह महीने की सजा सुनाई गई. अंसारी पर आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान मऊ जिला प्रशासन के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी मामले में उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने हाईकोर्ट के दिसंबर 2023 के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. 19 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट ने अंसारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अपराध बनता है.
मार्च 2022 में दिया था भड़काऊ बयान
मऊ जिले के कोतवाली थाने में मार्च 2022 में अब्बास अंसारी, उमर अंसारी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि 3 मार्च 2022 को पहाड़पुरा मैदान में अब्बास अंसारी, उमर अंसारी और आयोजक मंसूर अहमद अंसारी ने मऊ प्रशासन से हिसाब चुकता करने के लिए एक जनसभा बुलाई थी. अब्बास अंसारी ने 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की तत्कालीन गठबंधन सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के टिकट पर मऊ की सदर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.