5 महीने बाद 7 सितंबर से UP में फिर दौड़ेगी मेट्रो, सफर करने से पहले पढ़लें यह खबर

मेट्रो की फंक्शनिंग और तजज़िये के लिए नोएडा में ट्रायल शुरू हो चुका है. इस बार मेट्रो में सफर करने वाले मुसाफिरों को कुछ ज़रूरी जानकारियां लेनी ज़रूरी हैं.

5 महीने बाद 7 सितंबर से UP में फिर दौड़ेगी मेट्रो, सफर करने से पहले पढ़लें यह खबर
फाइल फोटो

लखनऊ: कोरोना वायरस के बीच यूपी में मेट्रो को 21 मार्च को ही बंद कर दिया गया था. लगभग साढ़े पांच महीने गुज़र जाने के बाद 7 सितंबर से मेट्रो एक बार फिर चलने वाली है. वज़ारते दाखिली की इजाज़त के बाद लखनऊ और नोएडा मेट्रो चलाने की तैयारी शुरू हो गई है. मेट्रो की फंक्शनिंग और तजज़िये के लिए नोएडा में ट्रायल शुरू हो चुका है. इस बार मेट्रो में सफर करने वाले मुसाफिरों को कुछ ज़रूरी जानकारियां लेनी ज़रूरी हैं. वो आप नीचे देख सकते हैं-  

राजधानी लखनऊ में फिलहाल एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया के बीच 21 स्टेशन हैं, जिन पर 20 मेट्रो चलती हैं. लेकिन 7 सितंबर से इस रूट पर सिर्फ 16 ट्रेनें चलाई जाएंगी. लखनऊ मेट्रो में हर रोज़ औसतन 70 हजार मुसाफिर सफर करते थे ऐसे में LMRC को इन पांच महीनों में करोड़ों का नुकसान हुआ है. LMRC के एमडी कुमार केशव के मुताबिक नए इंतेज़ामात इस तरह होगी-

16 ट्रेन सभी 21 स्टेशन पर रुकेंगी.
पहले की ही तरह सुबह 6 बजे रात 10 बजे तक चलेंगी.
दो ट्रेन के बीच साढ़े पांच मिनट का फर्क होगा. 
टोकन, स्मार्ट कार्ड के ज़रिये सफर होगा लेकिन फोन में आरोग्य सेतु ऐप ज़रूरी है. स्मार्ट कार्ड न होने पर टोकन मिलेगा, जिसे अल्ट्रावायलेट-रे से सैनिटाइज़ किया जाएगा. 
सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल करने के लिए सीटिंग अरेंजमेंट बदला गया है. 

नोएडा में एक्वालाइन के इंतेज़ामात
नोएडा-ग्रेटर नोएडा रूट पर 19 ट्रेन हैं, जिनमें 14 चालू हालात में हैं और 5 रिज़र्व. नए SOP के मुताबिक -
एक कोच में सिर्फ 40-50 मुसाफिर को सफर की इजाज़त है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल किया जा सके. 
सुबह 7:00 से 11:00 और शाम 5:00 से रात 9:00 बजे तक मेट्रो चलेगी
इतवार को मेट्रो सर्विस सुबह 8:00 से 11:00 और शाम 5:00 से रात 9:00 बजे तक चलेगी.
नोएडा में मेट्रो मुसाफिरों को सिर्फ स्मार्ट कार्ड के ही इस्तेमाल की इजाज़त है, उन्हें टोकन नहीं मिलेगा. 
ट्रेन व स्टेशन में सोशल डिस्टेंसिंग की मानिटरिंग की जाएगी
एंट्री गेट पर ही एक मेट्रो में जाने वाले मुसाफिरों की संख्या का तय कर ली जाएगी. 
हर चार घंटे में लिफ्ट के बटन, एक्सलेटर और अवामी चीज़ों को सैनिटाइज किया जाएगा. 
मुसाफिरों की थर्मल स्कैनिंग के बाद ही एंट्री दी जाएगी. 
आरोग्य सेतु ऐप फोन में होना जरूरी होगा. 
मेट्रो का तापमान तय पैमानों के मुताबिक 24 से 30 डिग्री सेल्सियस रखा जाएगा. 
ट्रेन के हर चक्कर के बाद उसका सैनिटाइजेशन होगा.
मुसाफिरों के लिए मास्क जरूरी होगा. 
मेट्रो कोच में बैठने और खड़े होने की जगह तय होगी मुसाफिरों को इसपर अमल करना होगा.