कोरोना की वजह से 6 महीने बंद रहा ताज, खुलने के बाद चीनी टूरिस्ट ने ही किया सबसे पहले दीदार

ताज महल में एक दिन में सिर्फ 5000 सय्याहों को एंट्री दी जा रही है. साथ ही सय्याहों को ताज का दीदार करते वक्त कोरोना की गाइडलाइंस का खास ध्यान रखना होगा.

कोरोना की वजह से 6 महीने बंद रहा ताज, खुलने के बाद चीनी टूरिस्ट ने ही किया सबसे पहले दीदार

आगरा: कोरोना महामारी की वजह से 17 मार्च से बंद किए गए ताज महल को पीर के रोज़ फिर से सय्याहों (Tourists) के लिए खोल दिया गया. लगभग 6 महीनों के बाद जब ताज के दरवाजे आम लोगों के लिए खुले तो इसका दीदार सबसे पहले एक चाइनीज सय्याह लियांग चियांग चेंग ने किया. लियांग ने ताज म​हल के ठीक सामने बने विश्व प्रसिद्ध बेंच पर बैठकर फोटो भी खिंचाई. आपको बता दें कि पूरी दुनिया में हाहाकार मचाने वाला कोरोना वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से ही निकला था.  

एक दिन में 5000 सय्याहों को ही मिल सकेगी एंट्री
ताज महल में एक दिन में सिर्फ 5000 सय्याहों को एंट्री दी जा रही है. साथ ही सय्याहों को ताज का दीदार करते वक्त कोरोना की गाइडलाइंस का खास ध्यान रखना होगा. सभी सय्याहों के टिकट एएसआई की वेबसाइट से ऑनलाइन बुक करना होगा. लोगों की भीड़ न लगे इसलिए टिकट ​विंडो बंद रखा गया है. क्यूआर कोड स्कैन करके भी टिकट लिया जा सकता है. 

कब्र वाले कमरे 5 लोगों को ही मिलेगी एंट्री
अफसरों के मुताबिक ताजमहल के दीदार के लिए पर्यटकों को निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) (Standard Operating Procedure) का पर अमल करना लाज़मी रखा गया है. ताज महल में शाहजहां और मुमताज की अहम मकबरे में मौजूद कब्र वाले कमरे में एक बार में पांच लोग जा सकेंगे.

डिजिटली करनी होगी पेमेंट
हालांकि म्यूजियम सय्याहों के लिए खुला रहेगा. पार्किंग समेत सभी चीज़ की अदायगी डिजिटली ही करनी पड़ेगी. अफसरों की जानिब से सय्याहों को दीवारों व रेलिंग से दूर रहने की हिदायत है. इसके अलावा शू कवर, पानी की बोतल, टिश्यू पेपर वगैरा उन्हें कूड़ेदान में डालने होंगे. वहीं, यादगार में दाखिले से पहले सय्याहों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और बगैर अलामत वाले सय्याह ही को अंदर जाने की इजाज़त मिलेगी. 

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