Waqf Property Scam Ahmedabad: गुजरात के अहमदाबाद में फर्जी ट्रस्टी बनकर वक्फ संपत्तियों से अवैध किराया वसूली का मामला सामने आया है. पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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Waqf Property Scam Ahmedabad: गुजरात में कई लोग खुद को वक्फ बोर्ड ट्रस्टी बताकर जमालपुर इलाके की कई महत्वपूर्ण धार्मिक और ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों से अवैध रूप से लाखों रुपए का किराया वसूल रहे थे. इस मामले में पुलिस ने अहमदाबाद पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) भरत राठौर ने मामले की तस्दीक करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ गायकवाड हवेली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को कांच नी मस्जिद (ग्लास मस्जिद) और शाह बड़ा कसम ट्रस्ट की संपत्तियों का ट्रस्टी बताकर आम लोगों और दुकानदारों से किराया वसूला, जबकि वक्फ बोर्ड की तरफ से उन्हें कभी ट्रस्टी नियुक्त ही नहीं किया गया था. जांच में सामने आया कि वक्फ बोर्ड ने अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) को एक स्कूल के निर्माण हेतु जमीन सौंपी थी, लेकिन 2001 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद उस संरचना को क्षतिग्रस्त घोषित कर दिया गया.
लगा है संगीन इल्जाम
इल्जाम है कि साल 2009 में इन आरोपियों ने उक्त भवन को ध्वस्त कर दिया और उस स्थान पर मौजूद दुकानों में से एक में सलीम खान नामक मुल्जिम ने "सौदागर कंस्ट्रक्शन" के नाम से अपना कार्यालय खोल लिया. बाकी नौ दुकानों को किराए पर चढ़ा दिया गया. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि वसूला गया किराया न तो वक्फ ट्रस्ट के खाते में जमा किया गया और न ही नगर निगम को इसकी कोई जानकारी दी गई. यह पूरी लेनदेन अवैध रूप से निजी लाभ के लिए किया गया था.
इस तरह कर रहे थे धोखाधड़ी
सलीम खान पठान भाई, महबूब खान और अन्य आरोपियों पर यह भी इल्जाम है कि उन्होंने लगभग 15 आवासीय संपत्तियों से भी गैरकानूनी रूप से किराया वसूला. इन सभी आरोपियों में से कोई भी वैध ट्रस्टी नहीं है और न ही उनके पास ऐसा कोई वैधानिक दस्तावेज है, जो ट्रस्ट की संपत्तियों पर उनके अधिकार को सिद्ध करता हो. डीसीपी भरत राठौर ने बताया कि इस गंभीर अनियमितता और धोखाधड़ी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है.