घर में आइसोलेटेड मरीजों को डॉक्टर की सलाह, इस दवा के इस्तेमाल से बचें

एम्स (AIIMS) के डॉ नीरज ने कहा कि 80 फीसदी कोरोना के मरीजों में हल्के आसार दिखते हैं और सुझाव दिया कि पहली जांच में कोरोना की तस्दीक नहीं होने पर ही आरटी-पीसीआर की दूसरी जांच करानी चाहिए. 

घर में आइसोलेटेड मरीजों को डॉक्टर की सलाह, इस दवा के इस्तेमाल से बचें
फाइल फोटो (साभार: PTI)

नई दिल्ली: एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों ने शनिवार को कहा कि घर पर इलाज करा रहे कोविड-19 के मरीजों को रेमडेसिविर की दवा नहीं लेनी चाहिए और ऑक्सीजन का लेवल 94 से नीचे जाने पर अस्पताल में भर्ती होना चाहिए. कोविड-19 मरीजों के लिए घरों में इलाज और देखाभाल के मसले पर डॉक्टर एक वेबिनार को खिताब कर रहे थे.

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) के डॉ. नीरज निश्चल ने कहा, 'घर पर रेमडेसिविर दवा नहीं लेना चाहिए. घरों में क्वारंटाइन में रह रहे मरीजों के लिए मुस्बत रुख बनाए रखना और कुछ खास एक्सरसाइज करना जरूरी है.'

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एम्स के ही डॉ़ मनीष ने कहा कि ऑक्सीजन का लेवल 94 से नीचे जाने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना चाहिए. इसके साथ ही ऑक्सीजन का लेवल जांच करते समय मरीज की उम्र, पुरानी बीमारियों जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए.

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हालांकि, डॉ नीरज ने कहा कि 80 फीसदी कोरोना के मरीजों में हल्के आसार दिखते हैं और सुझाव दिया कि पहली जांच में कोरोना की तस्दीक नहीं होने पर ही आरटी-पीसीआर की दूसरी जांच करानी चाहिए. चर्चा के दौरान डॉक्टरों ने सलाह दी कि मरीजों को हुक्म के मुताबिक और सही वक्त पर दवा लेनी चाहिए.

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