Owaisi Statemnet on Operation Buniyan-Al-Marsoos: हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारत के 'ऑपरेशन सिन्दूर' के काउंटर में पाकिस्तान के जरिये चलाए जा रहे ऑपरेशन 'बुनियान-अल-मरसूस' के नाम पर सवाल उठाते हुए इसे कुरान की आयत की गलत व्याख्या और अपने मकसद के लिए मनमाना इस्तेमाल बताया है. साथ ही पाकिस्तान के कथित इस्लाम को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है.
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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी जंग के बीच AIMIM के सदर और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर करारा हमला बोलते हुए उसके इस्लाम और मुसलमान होने पर ही बड़ा सवाल उठा दिया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान का इस्लाम से कोई लेना- देना नहीं है. वो इस्लाम को सिर्फ एक मुखौटा की तरह इस्तेमाल करते है, बाकी इस्लाम और उसकी तालीम से उसका कोई लेना देना नहीं है.
#WATCH | Hyderabad, Telangana: AIMIM Chief Asaduddin Owaisi says, " Pakistan conveniently forgets that there are more than 230 million Muslims living in India and our forefathers rejected the two-country theory. We despise, we rejected the two-nation theory proposed by Jinnah,… pic.twitter.com/G3DY5hBegr
— ANI (@ANI) May 10, 2025
ओवैसी ने सबसे पहले भारत के 'ऑपरेशन सिन्दूर' के काउंटर में पाकिस्तान के जरिये चलाए जा रहे ऑपरेशन 'बुनियान-अल-मरसूस' के नाम पर ही सवाल उठा दिया है, जिसका मतलब होता है, एक मजबूत बुनियाद, सुरक्षा कवच या ढाल बनना. उन्होंने कहा कि यह कुरान शरीफ की एक आयत से लिया गया है, जिसमें अल्लाह कहता है कि अगर तुम अल्लाह से प्यार करते हो, तो जुल्म के खिलाफ एक ठोस दीवार की तरह खड़े रहो. लेकिन पाकिस्तानी सेना और प्रतिष्ठान बहुत झूठे हैं. उसी आयत से पहले, अल्लाह कहता है कि तुम ऐसी बातें क्यों कहते हो जो तुम नहीं करते. वे इतने झूठे हैं कि वे कुरान के पूरे उद्देश्य को समझना ही नहीं चाहते. क्या वे पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली मुसलमानों पर गोलीबारी करते समय दीवार की तरह खड़े होना भूल गए थे?"
क्या वो इंसानों- इंसानों में भेद नहीं करते हैं.? पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्ती भुट्टो पूर्वी पाकिस्तान ( अब बांग्लादेश) के मुसलमानों को सूअर बोलते थे और वो हिन्दुस्तान के मुसलमानों को मंचाल यानी दूसरे दर्जे का मुसलमान मानते थे. क्या यही है उनका इस्लाम और मुसलमानों से प्यार?
पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमा चौकियों पर बमबारी क्यों कर रहे हैं? वे ईरानी सीमा चौकियों पर बमबारी क्यों कर रहे हैं? अफगान और ईरानी मुसलमान हैं. अपने ही देश के बलूचिस्तान के लोगों पर गोलियां क्यों चलाते हैं. ये सभी मुसलमान हैं.
ओवैसी ने कहा, "वो भारत में नागरिक इलाकों को निशाना बनाते हुए उन्होंने गोलीबारी में एक मस्जिद के इमाम को मार दिया है. सिख गुरुद्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, पूरे घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लोग सड़कों पर घायल पड़े हैं. राजौरी में एक सिविल सेवक की हत्या कर दी गई. वे ड्रोन भेज रहे हैं और आम लोगों को मार रहे हैं. उन्होंने जम्मू में अस्पतालों को नुकसान पहुंचाया है. पाकिस्तान हमेशा से यही करता रहा है. वे यही करते रहेंगे."
वह अवैध गतिविधियों और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इस्लाम का इस्तेमाल केवल एक मुखौटा के रूप में करता है. यही वह है जो वे पिछले 75 वर्षों से भारत के खिलाफ कर रहे हैं.
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हमारे पूर्वजों ने जिन्ना के दो-देश के सिद्धांत को खारिज कर दिया था. हम उनसे नफरत करते हैं, हमने जिन्ना द्वारा प्रस्तावित दो-राष्ट्र सिद्धांत को खारिज कर दिया था, और हमने भारत को अपना देश स्वीकार किया और यहीं रहेंगे. जो अमनपसंद मुसलमान थे वह भारत में रह गए जो हमको तोड़कर गए वह शरारती लोग हैं. पाकिस्तान भारत को धर्म के आधार पर अब फिर से विभाजित करना चाहता है, वह यहां भारतीय मुसलमानों, हिंदुओं और अन्य समुदायों के बीच और अधिक टकराव पैदा करना चाहता है. भारत में 230 मिलियन से ज्यादा मुसलमान रहते हैं. उसके आतंकवाद का सबसे ज्यादा जुल्म मुसलमान झेलते हैं. उसके भेजे गए आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम में धर्म पूछकर सय्याहों की हत्याएं की, ये कौन से इस्लाम की तालीम है?
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