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AIMIM Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना में AIMIM के नेता 11 सितंबर को ढोल-नगाड़ों के साथ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलने राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पहुंचे. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया. AIMIM नेता लालू यादव से मिलकर गठबंधन पर बात करना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी. इसके बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने मीडिया को बयान दिया और मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया.
RJD ने AIMIM नेताओं के इस तरह के कदम को गलत बताया. पार्टी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि अगर किसी को गठबंधन की इच्छा होती है तो वह इस तरह के दिखावे के साथ नहीं आता. उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी दल के प्रदेश अध्यक्ष ने खुद ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की.
एजाज अहमद के मुताबिक, यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि AIMIM को अपने विधायकों की चिंता है. एजाज अहमद ने कहा कि उनको लग रहा है कि इस बार उनके विधायक टूट सकते हैं. अपनी सीटें बचाने के लिए वे ऐसा खेल खेल रहे हैं. तीन आदमी के अलावा उनके संगठन में चौथा आदमी नहीं है. वे मुसलमानों के हमदर्द होने का दावा करते हैं, लेकिन अपने संगठन में मुसलमानों को टिकाए नहीं रख पाते.
वहीं, जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने भी AIMIM और लालू यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “लालू यादव अपने 15 साल के शासन में अल्पसंख्यकों को सिर्फ डराकर और सपने दिखाकर वोट लेते रहे. AIMIM और लालू यादव का यह आंतरिक मामला है कि किसके साथ जाना है, लेकिन जब भी मुसलमानों के प्रतिनिधित्व की बात आती है तो लालू यादव AIMIM को ठगने का काम करते हैं. बिहार में बड़ी संख्या में मौजूद अल्पसंख्यकों को RJD कभी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व नहीं देती.”
महागठबंधन पर बीजेपी का हमला
बीजेपी विधायक हरीभूषण ठाकुर उर्फ बचोल ने AIMIM और RJD दोनों को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, “चोर-चोर मौसेरे भाई हैं. मुस्लिम वोट हासिल करने के लिए दोनों नाटक कर रहे हैं. एक तरफ RJD मुसलमानों को तुष्ट करने की राजनीति करती है, दूसरी तरफ AIMIM मुसलमानों की रहनुमा बनने का नाटक करती है. बिहार की जनता सब देख रही है, इनमें से कोई ईमानदारी से नहीं आएगा.”