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वक्फ एक्ट पर इन पार्टियों ने मुसलमानों के पीठ में घोपा खंजर; AIMPLB ने कही बड़ी बात

Waqf Act talkatora stadium: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में वक्फ कानून का समर्थन करने वाले पार्टियों को मुसलमानों के पीठ में खंजर घोंपने वाला बताया है. पूरी जानकारी के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

 

वक्फ एक्ट पर इन पार्टियों ने मुसलमानों के पीठ में घोपा खंजर;  AIMPLB ने कही बड़ी बात

Waqf Act talkatora stadium: वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंगलवार 22 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बड़ा प्रोटेस्ट किया, और NDA एलायंस द्वारा इस कानून का समर्थन करने पर नाराजगी जतायई, और इन दलों पर इल्ज़ाम लगाया कि ये लोग मुस्लिम समाज के पीठ में चाकू घोंपने का काम किया है. 

दरअसल, वक्फ एक्ट के खिलाफ मुल्क भर में प्रोटेस्ट हो रहे हैं, AIMPLB कई राज्यों में इस कानून के खिलाफ प्रोटेस्ट ऑर्गेनाइज्ड कर रहा है, और सरकरा पर इस कानून को वापस लेना के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. इस कड़ी में गुजिश्ता मंगलवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में वक्फ बचाव कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था, जिसमें AIMIM पार्टी के सदर असद्दुदीन ओवैसी,  RJD से राज्य सभा सांसद मनोज झां समेत कई विपक्षी दलों के नेता, और मौलाना शामिल हुए. 

 इन पार्टियों पर जमकर बोला हमला
इस प्रोटेस्ट के जिरय सरकार से कथित मुस्लिम विरोधी वक्फ कानून को वापिस लेने की मांग की गई और साथ हीं एनडीए एलायंस में मौजूद वक्फ संसोधन कानून के समर्थक पार्टी जैसे, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU, चंद्रबाबू की पार्टी TDP और चिराग पासवान की पार्टी LJPR इन सभी के खिलाफ अपने गुस्से का इज़हार करते हुए कहा कि इन लोगों ने वक्फ संशोधन कानून का समर्थन करके मुस्लिम समाज के पीठ में खंजर घोपने का काम किया है.

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सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सुनवाई
गौरतलब है कि वक्फ कानून का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. इस कानून के खिलाफ विपक्ष के कई नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिनमें से 10 याचिकाओं को जोड़कर कर एक साथ सुनवाई की जा रही है. बता दें कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पहली सुनवाई 16 अप्रैल को हुई थी, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के वकील से काफी तीखा सवाल किया गया था.

इस तारीख को होगी अगली सुनवाई 
जिसके बाद सरकार के तरफ से कोर्ट में मौजूद वकील ने एक दिन का वक्त मांगा, और अगले दिन 17 अप्रैल को एक एफिडेविट दाखिल कर के अश्वासन दिया कि इस मामले पर अगली सुनवाई तक किसी भी विवादित प्रावधान को लागू नहीं किया जाएगा. इस मामले पर आगली सुनवाई 5 मई को होनी है. 

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