AIMPLB reaction to Waqf Bill: AIMPLB ने विपक्षी दलों और सांसदों का आभार जताया, जिन्होंने संसद में बिल का विरोध मजबूती से किया और मुस्लिम समुदाय की आवाज उठाई. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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AIMPLB reaction to Waqf Bill: पार्लियामेंट में वक्फ बिल पास हो गया है. इस बिल को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने गंभीर आपत्ति जताई है. AIMPLB ने इस बिल के विरोध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है. AIMPLB के प्रवक्ता एस.क्यू.आर. इलियास ने 4 अप्रैल को बताया कि बोर्ड के महासचिव मौलाना फजलुर रहीम मुजद्ददी द्वारा लिखे गए पत्र में राष्ट्रपति से जल्द मिलने की मांग की गई है. चिट्ठी में कहा गया है कि यह बिल वक्फ संस्थाओं के स्वायत्त संचालन और धार्मिक कार्यों में सीधा हस्तक्षेप करता है.
AIMPLB ने इस बिल को पूरी तरह असंवैधानिक बताया है और कहा है कि यह देश के मुसलमानों पर कानूनी हमला है. पत्र में लिखा गया है कि बिल के प्रावधान संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों, विशेषकर धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और धार्मिक संस्थाओं की सुरक्षा के खिलाफ हैं. साथ ही AIMPLB ने अपील की है कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति उन्हें जल्द समय दें ताकि वे संवैधानिक दायरे में अपनी बात रख सकें और समाधान पर चर्चा हो सके.
AIMPLB ने क्या कहा?
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना मुजद्ददी ने कहा, “यह बिल लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है. सत्ता के नशे में चूर सरकार ने समाज में धार्मिक नफरत फैलाने के लिए यह कदम उठाया है.” उन्होंने इल्जाम लगाया कि इस बिल को मुस्लिम हितैषी बताकर गुमराह किया जा रहा है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है. बोर्ड ने यह भी कहा कि उन्होंने और अन्य मुस्लिम संगठनों ने पहले भी अपनी चिंता सरकार के सामने रखी थी, लेकिन सरकार ने एक भी बात नहीं सुनी.
मुसलमानों के साथ हुआ है विश्वासघात
AIMPLB ने विपक्षी दलों और सांसदों का आभार जताया, जिन्होंने संसद में बिल का विरोध मजबूती से किया और मुस्लिम समुदाय की आवाज उठाई. वहीं बोर्ड ने एनडीए के घटक दलों, जैसे नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी पर धोखा देने का आरोप लगाया. बोर्ड का कहना है कि इन नेताओं को मुसलमानों ने हमेशा समर्थन दिया है क्योंकि ये खुद को सेक्युलर बताते हैं, लेकिन अब उन्होंने मुसलमानों की भावनाओं से विश्वासघात किया है.