अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने अपने दफ्तर में गोडसे की मूर्ति लगाने की मांग की

हिंदू महासभा के क़ौमी नायब सद्र डॉ जय वीर भारद्वाज का कहना है कि, नाथूराम गोडसे ने मुल्क की तक़सीम करने वाले महात्मा गांधी की मुख़ालिफ़त करते हुए उनका क़त्ल किया था. 

अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने अपने दफ्तर में गोडसे की मूर्ति लगाने की मांग की

नई दिल्ली/ शाहबाज़ अहमद : मध्य प्रदेश के ज़िमनी इंताखाब में एक के बाद एक नए किरदारों की एंट्री हो रही है. उसी सिम्त में बाबा ए कौम महात्मा गांधी के क़त्ल के मुल्ज़िम नाथूराम गोडसे की एंट्री भी अब ज़िमनी इंताखाबात (उपचुनाव) में हो चुकी है. अखिल भारतीय हिंदू महासभा की जानिब से 15 अक्टूबर को नाथूराम गोडसे के बरसी के दिन मूर्ति लगाने की इजाज़त मकामी इंतज़ामिया से मांगी गई है. इसके साथ ही हिंदू महासभा के कारकुनान ने गोरखी वाके एसडीएम दफ्तर के बाहर मुज़ाहरा किया और मांग की, कि 2017 में जो मूर्ति हिंदू महासभा ने अपने पर्सनल दफ्तर पर लगाई थी. जिसे बाद में इंतज़ामिया ने जब्त कर लिया था. वो मूर्ति भी वापस की जाए. और अगर इंतज़ामिया उस मूर्ति को वापस नहीं करेगा तो हिंदू महासभा की जानिब से दफ्तर में नई मूर्ति लग जायेगी.

हिंदू महासभा के क़ौमी नायब सद्र डॉ जय वीर भारद्वाज का कहना है कि, नाथूराम गोडसे ने मुल्क की तक़सीम करने वाले महात्मा गांधी की मुख़ालिफ़त करते हुए उनका क़त्ल किया था.  यही वजह है कि हम लोग नाथूराम गोडसे की यौमे कुर्बानी के मौके पर उनकी पूजा अर्चना कर ये दिन मनाते हैं. डॉ जय वीर भारद्वाज के मुताबिक 2017 में मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की गई थी. लेकिन कांग्रेस की मुख़ालफत के सबब शिवराज सरकार ने इस मूर्ति को जब्त करा दिया था. वह मूर्ति हमें वापस चाहिए हम हर काम आईन के हिसाब से करना चाहते हैं और यही वजह है कि, पहले भी इजाज़त मांगी गई थी और अब एक बार फिर इजाज़त मांगी जा रही है. अगर इजाज़त नहीं दी गई तब भी वहां मूर्ति (स्थापित) नसब की जाएगी.

कांग्रेस हुई बीजेपी पर हमलावर
हिंदू महासभा की जानिब से नाथू राम गोडसे की मूर्ति नसब (स्थापित) करने की मांग उठाई जाने पर कांग्रेस  बीजेपी पर हमलावर हो गई है. कांग्रेस का कहना है कि ज़िमनी इंताख़ाब (उपचुनाव) में तरक्की और बुनियादी सहुलियात के मुद्दे बीजेपी के पास बचे नहीं है. इसलिए वो तशद्दुद (हिंसक) नज़रिया (विचारधारा) को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी अगर इस नज़रिये की हिमायत नहीं करती है तो इस तरह की मांग करने वाले लोगों पर आखिर बीजेपी कार्रवाई  करने से क्यों कतरा रही है. वही इस बारे में बीजेपी का कहना है कि,  वो तशद्दुद नज़रिये या गोडसे की मूर्ति लगाने की हिमायत में बिल्कुल नहीं है. अगर कोई शख़्स या तंज़ीम  इस तरह की मांग करता है तो बीजेपी यक़ीनन  उस पर कार्रवाई करेगी.

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साधु शैतान की भी हो चुकी एंट्री
इससे पहले एमपी ज़िमनी इताख़ाबात की तशहीर में साधु - शैतान की एंट्री हो चुकी है. नारे के मुताबिक बीजेपी ने खुद को और सीएम शिवराज सिंह चौहान को तो साधु बता चुकी तो वहीं  कांग्रेस का मवाज़ना शैतान से किया था. इससे पहले बीजेपी ने इस ज़िमनी इताख़ाबात को साधु और शैतान की लड़ाई बताया था. दरअसल सबकी नज़र एमपी की हॉट सीट सांवेर पर है. जहां बीजेपी के उम्मीदवार तुलसी राम सिलावट का सामना कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू से होना है. सांवेर ज़िमनी इताख़ाबात को लेकर बीजेपी ने अब एक नया नारा दिया है. वो नारा है  "घड़ी आई है सांवेर के इम्तिहान की, ये लड़ाई है साधु और शैतान की" जिसको लेकर अब कांग्रेस बीजेपी आमने सामने हो गई और दोनों पार्टियां एक दूसरे को शैतान बताने में लग गई . जिस पर कांग्रेस लीडर अनुरोध जैन ने कहा कि बीजेपी वो शैतान है जिन्होंने रातों रात अवाम की चुनी हुई सरकार का हरण कर लिया. ये वे शैतान हैं जिनके रहते सूबे में हर रोज़ाना ख्वातीन रेप का शिकार हो रही है.