बढ़ेंगी शरजील इमाम की मुश्किलें, NSA लगाने की तैयारी में है UP पुलिस

शरजील इमाम ने अलीगढ़ में असम को भारत से काटकर अलग कर देने वाला मुतेनाज़ा बयान दिया था और इसी बयान के ख़िलाफ़ अलीगढ़ पुलिस ने ग़द्दारी का मामला दर्ज किया था 

बढ़ेंगी शरजील इमाम की मुश्किलें, NSA लगाने की तैयारी में है UP पुलिस
फाइल फोटो...

नई दिल्ली: ग़द्दारी के इल्ज़ाम में तिहाड़ जेल में क़ैद शरजील इमाम पर UP Police क़ौमी सिक्योरिटी कानून (NSA) लगाने की तैयारी कर रही है. दरअसल शरजील इमाम के ख़िलाफ़ अलीगढ़ की अदालत ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया है जो तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. 18 फरवरी को शरजील इमाम को अलीगढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा. इससे पहले शरजील इमाम को 12 फरवरी को दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया था. 

अलीगढ़ पुलिस ने अदालत में पूछताछ के लिए अर्ज़ी दायर की थी. शरजील इमाम ने अलीगढ़ में असम को भारत से काटकर अलग कर देने वाला मुतेनाज़ा बयान दिया था और इसी बयान के ख़िलाफ़ अलीगढ़ पुलिस ने ग़द्दारी का मामला दर्ज किया था और अब पुलिस उस पर NSA लगाने की तैयारी कर रही है.

क्या कहा था शरजील इमाम ने

शरजील इमाम ने कहा बयान दिया था कि अगर हम मुत्तहिद हों तो हिंदुस्तान और नार्थ-ईस्ट को मुस्तकिल तौर पर अलग कर सकते हैं, पूरी तरह तो नहीं कम से कम एक आध महीने के लिए तो कर ही सकते हैं, मतलब पटरियों पर इतना मवाद डालो कि उनको हटानें में एक महीना लग जाए. असम को काटना हमारी ज़िम्मेदारी है, असम और भारत कट कर अलग हो जायें तभी ये हमारी बात सुनेंगे. असम में जो मुसलमानों का हाल है आपके मालूम है. वहां CAA नाफिज़ हो चुका है, लोग हिरासती कैंपों में डाले जा रहे है और वहां पर क़त्ले आम चल रहा है. पता चलेगा कि 6-8 महीनों में सभी बंगालियों को मार देंगे, हिंदू हो या मुसलमान हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा. उनके इस बयान के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दफा 153 के तहत दंगे भड़काने के इल्ज़ाम में केस दर्ज कर लिया है.
एक दीगर वीडियो में शरजील कहता हुआ दिख रहा है कि हमारी आरज़ू ये है कि दिल्ली में चक्का जाम हो और सिर्फ दिल्ली में नहीं, जिस शहर में मुसलमान कर सकता है. मुसलमान हिंदुस्तान के 500 शहरों में चक्का जाम कर सकता है. अब उसमें रोड ब्लॉक कौन है. रोड ब्लॉक बीजेपी या कांग्रेस नहीं है. रोड ब्लॉक है जमीयत उलेमा ए हिंद. रोड ब्लॉक है जमात-ए-इस्लामी. सबके बयानात पढ़ रहे हैं आप. क्या मुसलमानों की इतनी हैसियत नहीं कि शुमाली भारत के शहरों को बंद ना किया जा सके. शरजील ने मज़ीद कहा था कि आप बताइए कि यूपी में मुसलमानों की शहरी आबादी 30 फीसदी के ऊपर है. अरे भाई शर्म करो. दूसरी चीज़, बिहार में जिस इलाके से मैं आता हूं. यहीं आबादी 6 फीसदी है. शहरी आबादी 24 फीसदी है. समझ में आ रहा है हिन्दुस्तान का मुसलमान शहरी है. शहर बंद कीजिए और जो किसी और रास्ते पर ले जाए उसे तल्क कीजिए, उसे भगाइए. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

क्या है NSA

यह क़ानून मरकज़ी हुकूमत और रियासती हुकूमत को किसी भी मश्तबा शहरी को हिरासत में लेने की ताकत मुहय्या कराता है. यह कानून 1980 में इंदिरा गांधी की हुकूमत में बनाया गया था. इस कानून के तहत हुकूमत किसी भी एसे शख्स को हिरासत में ले सकती हैं जिस पर उसे ख़दशा हो कि वो क़ानूनी सूरतेहाल या सिक्योरिटी के लिए ख़तरा है और इस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया शख्स को बग़ैर किसी इल्ज़ाम के 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है.