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Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंगलत है CBI अदालत का फैसला, हाई कोर्ट में करेंगे चैलेंज: ज़फरयाब जिलानी

गलत है CBI अदालत का फैसला, हाई कोर्ट में करेंगे चैलेंज: ज़फरयाब जिलानी

फैसला आने के बाद एक तबके में जहां खुशी की लहर है और तमाम बड़ी सियासी लीडरान अदालत के फैसले का इस्तकबाल (स्वागत) कर रहे हैं.

फाइल फोटो
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नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद विध्वंस (इन्हेदाम) मामले में सीबीआई की अदालत का फैसला आ गया है. अदालत ने सभी 32 मुल्ज़िमों को बरी कर दिया है और कहा है कि वारदात पहले तय नहीं थी यह सब अचानक हुआ था. फैसला आने के बाद एक तबके में जहां खुशी की लहर है और तमाम बड़ी सियासी लीडरान अदालत के फैसले का इस्तकबाल (स्वागत) कर रहे हैं.

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) के मेंबर ज़फरयाब जिलानी (Zafaryab Jilani) का बड़ा बयान सामने आया है उन्होंने अदालत के इस फैसले को गलत बताते हुए कहा है कि सबूत और गवाह सरकारी अफसर मौजूद थे उसके बाद भी सबूतों की कमी कैसे. हम सीबीआई के इस फैसले को अदालत के इस फैसले खुश नहीं हैं और फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे.

क्या कहा सीबीआई के जज ने

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सीबीआई कोर्ट के जज सुरेंद्र कुमार यादव ने केस का फैसला पढ़ते हुए कहा कि बाबरी विध्वंस की वारदत पहले से तय नहीं थी बल्कि यह सब अचानक हुआ. गैर समाजी अन्सर ने ढांचा गिराया था और मुल्ज़िम लीडरों ने इन लोगों को रोकने की कोशिश की थी. मुल्ज़िमों के खिलाफ मुनासिब सबूत नहीं हैं और सीबीआई की जानिब से जमा किए गए ऑडियो और वीडियो सबूतों की सदाकत की जांच नहीं की जा सकती है. इसलिए केस के सभी 32 मुल्ज़िम बाइज्जत बरी किए जाते हैं. 

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