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नई दिल्ली: करीब 14 महीनों की नज़रबंदी के बाद महबूबा मुफ्ती के रिहा होते ही कश्मीरी पार्टियां एक बार फिर से एक्टिव हो गई हैं. जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35A को फिर से बहाल करने के लिए सभी पार्टियां फिर से मुत्तहिद हो गई हैं और आज फारूख अब्दुल्ला की रिहाइश पर गुज़िश्ता साल हुए गुपकार समझौते को लेकर तमाम पार्टियों ने मीटिंग की है.
जानकारी के मुताबिक महबूबा मुफ्ती, सज्जाद गनी लोन और कम्युनिस्ट लीडर यूसुफ तारिगामी वगैरा जम्मू-कश्मीर के कई लीडर मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक करीब 2 घंटे तक चली इस मीटिंग में फारूख अब्दुल्ला ने कहा है कि सभी पार्टियों ने इस समझौते का नाम गुपकार से बदलकर 'पीपल एलायंस गुपकार समझौता' करने पर इत्तेफाक राए का इज़हार किया है. उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के खास दर्जे के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी. जम्मू-कश्मीर के मसला का हल सियासी है. आगे की हिकमे अमली (रणनीति) के लिए हम फिर मीटिंग करेंगे.
बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सद्र फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म होने से एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2019 को अपनी गुपकार रोड वाली रिहाइश पर कश्मीरी लीडरों की एक बैठक बुलाई थी. इस बैठक में कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके खास दर्जे की हिफाज़त करने के लिए वे मिलकर कोशिशें करेंगे. इस मीटिंग में इस तजवीज़ पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलावा पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और कुछ छोटे पार्टियों ने शामिल हो कर दस्तखत किए थे. नेशनल कांफ्रेंस ने इस मीटिंग के बाद हुए ऐलान को गुपकार समझौता करार दिया था.
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