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Mohibullah Nadvi Maintenance Case: सपा नेता और रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की बीवी ने उनके खिलाफ भरण-पोषण का दावा दायर किया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने सांसद को आदेश दिया है कि वह अपनी बीवी रूमाना नदवी के साथ अपने वैवाहिक विवाद को कोर्ट के Mediation Centre के माध्यम से सुलझाएं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को 3 महीने का समय दिया है और आदेश दिया है कि नादवी 55,000 रुपये जमा करें, जिसमें से 30,000 रुपये हर महीने बीवी को भरण-पोषण के लिए दिए जाएंगे.
साथ ही कोर्ट ने रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को चेतावनी दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर सपा सांसद समय पर भरण-पोषण का भुगतान नहीं करते हैं या Mediation Centre में तीन महीने में समझौता नहीं होता है, तो मामला फिर से कोर्ट में चलेगा. 3 महीने का समय दोनों पक्षों को संभावित समाधान खोजने और रिपोर्ट जमा करने के लिए दिया गया है. इसके अलावा कोर्ट ने नादवी को वर्तमान भरण-पोषण की राशि देना जारी रखने का निर्देश भी दिया है. अगर कोर्ट का आदेश नदवी नहीं मानते हैं तो यह अंतरिम आदेश अपने आप समाप्त हो जाएगा.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, रुमाना से सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से 22 अक्तूबर 2012 को शादी हुई थी. रुमाना ने बताया कि शादी के बाद पता चला कि नादवी की पहले से तीन शादियां हो चुकी थीं. उनकी पहली बीवी की कैंसर से मौत हो गई थी, जिससे उन्हें दो बेटियां थीं. उसके बाद उन्होंने दो और शादियां कीं. रुमाना उनकी चौथी बीवी थीं. रुमाना ने आगरा में उनके खिलाफ हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामले भी दर्ज कराए थे. उनके एक 12 साल के बेटे, अमीनुल्लाह, भी हैं.
सांसद ने दी प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले को लेकर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. नदवी ने कहा कि रामपुर में अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यक्रमों में व्यस्त हैं. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि उन्हें विवादों में नहीं उलझना है और अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना है.
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