Asaduddin Owaisi on Nishikant Dubey: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया. ओवैसी ने न्यायपालिका को धमकाने के लिए बीजेपी की आलोचना की. पार्टी ने बयान से दूरी बनाई.
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Asaduddin Owaisi on Nishikant Dubey: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट और भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना पर विवादित बयान दिया है, जिसके बाद से ही देश की सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने निशिकांत दुबे के बयान से खुद को अलग कर लिया है और भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा है कि यह सांसद का निजी बयान है और पार्टी का उनके बयान से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं, AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी निशिकांत दुबे के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा कोर्ट को धमका रही है.
उन्होंने कहा, "भाजपा संविधान के साथ धोखाधड़ी कर रही है और लोगों को डरा रही है, धार्मिक युद्ध की धमकी दे रही है, मोदी जी बताइए कौन कट्टरपंथी हो गया है. आप सत्ता में हैं और आपके लोग कट्टरपंथी हो गए हैं. वे इतने कट्टरपंथी हो गए हैं कि वे कोर्ट को धमका रहे हैं. मोदी जी, अगर आप धमकी देने वालों को नहीं रोकेंगे तो देश कमजोर हो जाएगा और देश आपको कभी माफ नहीं करेगा. आज आपके पास सत्ता है, लेकिन कल नहीं होगी."
नड्डा ने क्या कहा?
वहीं, बीजेपी चीफ नड्डा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बीजेपी का उसके सांसदों निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा की न्यायपालिका और प्रधान न्यायाधीश पर की गई टिप्पणियों से कोई लेना-देना नहीं है. ये उनकी निजी टिप्पणियां हैं, लेकिन भाजपा न तो उनसे सहमत है और न ही ऐसी टिप्पणियों का कभी समर्थन करती है. बीजेपी इन्हें पूरी तरह से खारिज करती है.’’
बयान न देने की दी गई है सलाह
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हमेशा न्यायपालिका का सम्मान किया है और उसके सुझावों एवं आदेशों को सहर्ष स्वीकार किया है क्योंकि एक दल के तौर पर उसका मानना है कि सुप्रीम कोर्ट समेत सभी अदालतें लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं. नड्डा ने यह भी कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं और अन्य लोगों को ऐसी टिप्पणियां न करने का निर्देश दिया है.
गोड्डा ने क्या कहा था?
झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था, "देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है. सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है. अगर हमें हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है तो संसद और विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, उन्हें बंद कर देना चाहिए. इस देश में हो रहे सभी गृहयुद्धों के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना साहब पूरी तरह जिम्मेदार हैं."